राजस्थान: अशोक गहलोत के माथे पर लगा 'राजतिलक', बनेंगे सूबे के CM; सचिन पायलट होंगे डेप्युटी सीएम
राजस्थान में मुख्यमंत्री के लिए कांग्रेस ने अशोक गहलोत के नाम पर मुहर लगाई है. गहलोत राज्य के मुख्यमंत्री पद पर पहले भी रह चुके हैं. वे राज्य के रणनीति और जनता को बेहतर ढंग से समझते हैं, शायद यही कारण है कि सीएम की कुर्सी एक बार फिर से गहलोत को दी गई है.
राजस्थान (Rajasthan) में बीजेपी (BJP) को कांग्रेस (Congress) से करारी हार मिली है. जिसके बाद अब सूबे में कांग्रेस अपनी सरकार बनाने जा रही है. राजस्थान में कांग्रेस को 99 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, वहीं बीजेपी 73 सीटों पर सिमट कर रह गई. निर्दलीय पार्टियों का समर्थन हासिल करने के बाद अब कांग्रेस अब राज्य में सरकार बना रही है. कांग्रेस ने जीत के बाद अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) को राज्य के मुख्यमंत्री की कमान सौंपी है. राज्य के कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट (Sachin Pilot) को उपमुख्यमंत्री (Deputy CM) का पद सौंपा गया है.
राजस्थान में कांग्रेस की जीत के बाद सबसे बड़ा सवाल यही था कि सूबे का सीएम (CM) कौन होगा. सीएम की दौड़ में राजस्थान से अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) और सचिन पायलट (Sachin Pilot) बड़े नाम थे. इस विषय पर चर्चा करते हुए कांग्रेस ने अशोक गहलोत के नाम पर मुहर लगाई है. गहलोत राज्य के मुख्यमंत्री पद पर पहले भी रह चुके हैं. वे राज्य के रणनीति और जनता को बेहतर ढंग से समझते हैं, शायद यही कारण है कि सीएम की कुर्सी एक बार फिर से गहलोत को दी गई है.
राजस्थान विधानसभा के 20 साल के आंकड़ों को देखें तो यहां हर 5 साल में सरकार की अदला-बदली जारी रही है. राज्य की इसी परंपरा को बरकरार रखते हुए जनता बीजेपी को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया है.
अशोक गहलोत का सियासी सफर
राजस्थान के मुख्यमंत्री रह चुके अशोक गहलोत (Ashok gehlot) आज भी राज्य में पसंदीदा नेताओं की गिनती में आते हैं. कभी छात्रसंघ चुनाव हार चुके गहलोत ने मेहनत और लगन से केंद्रीय मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री जैसे तमाम बड़े पदों तक का सफर तय किया है. अपने 39 साल के राजनैतिक सफर में गहलोत ने कई उतार चढ़ाव देखे. इसी का नतीजा है कि वे अब राजस्थान की राजनीति और जनता को बखूबी पहचान चुके हैं.
ब्राह्मण, क्षत्रिय और जाटों की प्रभाव वाली राजस्थान की राजनीति में 1998 में पहली बार माली समाज से ताल्लुक रखने वाले अशोक गहलोत जब मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने जनता के लिए बहुत कुछ किया. मुख्यमंत्री रहते हुए गहलोत ने पानी बचाओ, बिजली बचाओ, सबको पढ़ाओ का नारा देकर आम लोगों को जागरूक किया था. इसके अलावा वे भारत सेवा संस्थान, के संस्थापक भी है. यह संस्था गरीबों को मुफ्त किताबें और एम्बुलेंस की सुविधा मुहैया कराती है.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 14, 2018 04:13 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

