जर्मनी में गांजा रखने और भांग के तीन पौधे उगाने की मंजूरी
तीखे विरोध के बावजूद जर्मनी ने वयस्कों को 25 ग्राम गांजा रखने की मंजूरी दे दी है.
तीखे विरोध के बावजूद जर्मनी ने वयस्कों को 25 ग्राम गांजा रखने की मंजूरी दे दी है. स्वास्थ्य मंत्री ने इसे "वर्जना" से बाहर निकलने वाला कदम बताया है.जर्मनी, यूरोपीय संघ में गांजे के इस्तेमाल को कानूनी मंजूरी देने वाला सबसे बड़ा देश बन गया है. विपक्ष और मेडिकल एसोसिएशनों के तीखे विरोध के बावजूद 1 अप्रैल 2024 से यह मंजूरी लागू हो गई है. इस मौके पर देश की राजधानी बर्लिन के मशहूर ब्रांडेनबुर्ग गेट पर सरकार के फैसले का स्वागत करने के लिए करीब 1,500 लोग जुटे. इस दौरान कुछ हुक्के और चिलम के साथ जश्न मनाते दिखाई पड़े. 25 साल के नियाजी कहते हैं, "यह थोड़ी और आजादी है. अब मैं दबाब महसूस नहीं करुंगा."
नए कानून के तहत 18 साल से अधिक उम्र के लोग अब 25 ग्राम सूखी कैनाबिस (गांजा) रख सकेंगे. इसके साथ ही घर पर भांग के तीन पौधे उगाने को भी मंजूदी दी गई है. जर्मनी के स्वास्थ्य मंत्री कार्ल लाउटरबाख ने सोशल नेटवर्किंग साइट एक्स पर लिखा कि गांजे के सेवन को "वर्जना के दायरे" से बाहर निकाल दिया गया है. स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक, नया कानून "लत के खिलाफ असल में मददगार होगा, बच्चों व युवाओं का बचाव करेगा और काले बाजार से भी लड़ेगा."
इन बदलावों के साथ जर्मनी, यूरोप में भांग के इस्तेमाल को लेकर उदार देशों की सूची आ गया है. माल्टा और लक्जमबर्ग में 2021 और 2023 से गांजे के इस्तेमाल को मंजूरी मिली हुई है. नीदरलैंड्स की सरकार भी लंबे समय से चरस और गांजे को लेकर उदार नीति अपनाती रही है. लेकिन हाल के समय में इन मादक पदार्थों से जुड़े पर्यटन पर वह नकेल कस रही है.
गांजा बेचने का जर्मन सिस्टम
कानूनी बदलाव के अगले चरण में, 1 जुलाई से जर्मनी में कैनाबिस क्लबों से कानूनी रूप से गांजा खरीदने की अनुमति दी जाएगी. जर्मन कैनाबिस एसोसिएशन के डायरेक्टर गेयोर्ग वुर्थ के मुताबिक, आने वाले दिनों में रेग्युलेटेड एसोसिएशन बनाए जाएंगे. एक एसोसिएशन में सदस्यों की संख्या 500 तक होगी और वे हर सदस्य को महीने में 50 ग्राम गांजा दे सकेंगी. जर्मन सरकार पहले लाइसेंसी दुकानों के जरिए गांजा बेचने की तैयारी कर रही थी, लेकिन यूरोपीय संघ के विरोध के चलते इस योजना को रद्द करना पड़ा.
गांजे से जुड़े पुराने अपराधों में कानूनी माफी देने की प्रक्रिया आने वाले दिनों में न्यायिक तंत्र के लिए सिरदर्द बन सकती है. जर्मन जज एसोसिएशन के मुताबिक, दो लाख से ज्यादा मामलों में माफी दी जा सकती है, लेकिन यह प्रक्रिया न्यायिक व्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ डालेगी. जर्मनी के न्याय मंत्री मार्को बुशमन मानते हैं कि शुरुआत में न्यायिक ढांचे पर ज्यादा बोझ पड़ेगा. वह उम्मीद जताते हैं कि बाद में राह हमेशा के लिए आसान हो जाएगी.
क्या कहते हैं आलोचक
जर्मनी की मुख्य विपक्षी पार्टी क्रिश्चन डेमोक्रैट यूनियन (सीडीयू) के नेता फ्रिडरिष मेर्त्स ने एलान किया है कि 2025 के चुनावों के बाद अगर उनकी पार्टी सत्ता में आई, तो इस कानून को तुरंत रद्द कर किया जाएगा.
मेडिकल संगठनों ने भी सरकार और गांजे के प्रति इस नीति की आलोचना की है. विशेषज्ञों का कहना है कि गांजे के कारण किशोरों का दिमागी विकास व केंद्रीय तंत्रिका तंत्र प्रभावित हो सकता है. बर्लिन में गांजे की लत से बाहर आने वाले युवाओं की मदद करने वाली कात्या जीडेल के मुताबिक, "हमारे नजरिए से देखें, तो यह कानून एक लिखित त्रासदी है."
स्वास्थ्य मंत्री लाउटरबाख खुद एक डॉक्टर हैं. वह खुद भी स्वीकार कर चुके हैं कि युवाओं के लिए गांजे के कश घातक हो सकते हैं. इसके बावजूद उनकी सरकार का कहना है कि वह गांजे के प्रति जागरुकता और इसके संभावित खतरों को लेकर एक व्यापक जानकारी अभियान चलाएगी. सरकार ने यह भी दावा किया है कि स्कूलों, किंडरगार्टनों और प्लेग्राउंड्स के आस-पास गांजे की बिक्री प्रतिबंधित रहेगी.
ओएसजे/एसएम (डीपीए, एएफपी)
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 02, 2024 12:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

