यूपी में सियासी हड़कंप: BJP  नेता पर 'पद के बदले यौन शोषण' की मांग का आरोप, पूर्व महिला पदाधिकारी ने दिया इस्तीफा (Watch Video)
दीपाली तिवारी (Photo Credits: X\@hindipatrakar)

महोबा, 27 अप्रैल: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के महोबा (Mahoba) जिले में एक महिला नेता के आरोपों ने भारतीय जनता पार्टी (Bhartiya Janata Party) (भाजपा) (BJP) के भीतर हड़कंप मचा दिया है.  पूर्व भाजपा जिला मंत्री दीपाली तिवारी (Deepali Tiwari) ने महोबा के भाजपा जिलाध्यक्ष (BJP District President) मोहनलाल कुशवाहा (Mohanlal Kushwaha) पर 'पद के बदले यौन शोषण' (Sex-for-Post) की मांग करने का गंभीर आरोप लगाया है. एक फेसबुक लाइव वीडियो (Facebook Live Video) के माध्यम से दीपाली ने दावा किया कि जिलाध्यक्ष ने उन्हें जिला उपाध्यक्ष बनाने और पंचायत चुनाव में टिकट देने के बदले अनैतिक मांगें रखी थीं. यह भी पढ़ें: Bihar Police Viral Video: बिहार पुलिस शर्मसार! दारोगा और महिला कांस्टेबल का आपत्तिजनक वीडियो वायरल, एसपी ने दोनों को किया निलंबित

फेसबुक लाइव में लगाए गंभीर आरोप

दीपाली तिवारी ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में आरोप लगाया कि जिलाध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा ने उन्हें पद का लालच देकर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाया. दीपाली के अनुसार, जब उन्होंने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया, तो उन्हें जिला पंचायत चुनाव का टिकट देने का वादा कर दोबारा मनाने की कोशिश की गई.

महिला नेता ने यह भी दावा किया कि उनके इनकार करने पर जिलाध्यक्ष ने उन्हें और उनके परिवार को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी. इन धमकियों और मानसिक दबाव से तंग आकर उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है.

UP में पद के बदले सेक्स की पेशकश का मोहनलाल कुशवाहा पर आरोप

पार्टी के भीतर गुटबाजी और तनाव

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब महोबा भाजपा में पहले से ही अंदरूनी कलह चल रही है.  मार्च में जिला कार्यकारिणी की घोषणा के बाद से कई कार्यकर्ता असंतुष्ट थे. बताया जा रहा है कि नई समिति में कोई पद न मिलने के बाद दीपाली ने पहले भी नाराजगी जाहिर की थी. इस नए विवाद ने स्थानीय भाजपा नेतृत्व को और अधिक मुश्किलों में डाल दिया है.

पुलिस स्टेशन पहुंचा मामला

मामले ने अब कानूनी रूप ले लिया है. दीपाली तिवारी ने शहर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने भाजपा जिला उपाध्यक्ष पंकज तिवारी पर भी सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी करने का आरोप लगाया है.

दूसरी ओर, पंकज तिवारी ने इन आरोपों को निराधार बताया है. उन्होंने पलटवार करते हुए दावा किया कि उनके खिलाफ भी अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया है और वे इस मामले में कानूनी कार्रवाई करेंगे.

जांच में जुटी पुलिस

स्थानीय पुलिस ने दीपाली तिवारी की शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो और दी गई शिकायतों की गहनता से जांच की जा रही है. राजनीतिक गलियारों में इस घटना के बाद स्थानीय नेतृत्व की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं, जबकि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है.