सिवान, 25 अप्रैल: बिहार (Bihar) के सिवान (Siwan) जिले से पुलिस विभाग की छवि को धूमिल करने वाला एक मामला सामने आया है. सोशल मीडिया (Social Media) पर एक सब-इंस्पेक्टर (Sub-Inspector) (दारोगा) और एक महिला कांस्टेबल (Female Constable) का आपत्तिजनक वीडियो वायरल (Objectionable Video Goes Viral) होने के बाद, पुलिस अधीक्षक (SP) पूरन कुमार झा (Puran Kumar Jha) ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोनों कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. इस घटना ने न केवल विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं, बल्कि पुलिस की गरिमा को भी ठेस पहुंचाई है. यह भी पढ़ें: Agra Viral Video Case: नाबालिगों के 48 अश्लील वीडियो वायरल होने से हड़कंप, खंदौली क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात
ड्यूटी के दौरान आपत्तिजनक स्थिति में मिले कर्मी
वायरल वीडियो में सब-इंस्पेक्टर सुजीत कुमार और एक महिला कांस्टेबल को एक निजी कमरे में आपत्तिजनक स्थिति में देखा जा सकता है. वीडियो में पृष्ठभूमि में पुलिस की वर्दी भी दिखाई दे रही है, जिससे यह संकेत मिलता है कि यह घटना या तो ड्यूटी के दौरान हुई या पुलिस परिसर के आसपास.
शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह वीडियो रघुनाथपुर थाने का बताया जा रहा है, जहां दोनों उस वक्त तैनात थे. हालांकि, वीडियो पुराना बताया जा रहा है क्योंकि वर्तमान में सुजीत कुमार पचरुखी थाने में तैनात हैं और महिला कांस्टेबल पुलिस लाइन में अपनी सेवाएं दे रही थीं.
ब्लैकमेलिंग और साजिश की आशंका
मामले में एक नया मोड़ तब आया जब जांच में यह बात सामने आई कि दोनों पुलिसकर्मियों को वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया जा रहा था. सूत्रों के अनुसार, कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने वीडियो डिलीट करने के बदले उनसे अवैध मांगें की थीं.
बताया जा रहा है कि वरिष्ठ अधिकारियों को इस स्थिति की जानकारी कुछ समय पहले ही मिल गई थी, जिसके बाद एहतियात के तौर पर दोनों का तबादला कर दिया गया था. हालांकि, सोमवार को वीडियो के इंटरनेट पर लीक होने के बाद प्रशासन को सख्त अनुशासनात्मक कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा. यह भी पढ़ें: VIDEO: शराब के नशे में दरोगा भूले वर्दी की इज्जत, बस स्टॉप पर पत्नी संग की अश्लील हरकतें, एसपी ने किया सस्पेंड, कासगंज का वीडियो हुआ वायरल
कड़ी कार्रवाई और विभागीय जांच के आदेश
एसपी पूरन कुमार झा ने निलंबन की पुष्टि करते हुए कहा कि अनुशासनहीनता और पेशेवर कदाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने इस पूरे प्रकरण की सत्यता और वीडियो फिल्माने की परिस्थितियों की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय टीम का गठन किया है.
साइबर सेल की टीम भी इस मामले में सक्रिय है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वीडियो किसने और किस मकसद से रिकॉर्ड कर वायरल किया. जिला प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि इस तरह के आपत्तिजनक कंटेंट को साझा न करें, क्योंकि ऐसा करना कानूनी अपराध की श्रेणी में आता है.













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