PMAY 2.0 Installment: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को 'प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0' के तहत एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्य के 2,09,421 लाभार्थियों के बैंक खातों में पहली किस्त की राशि डिजिटल रूप से हस्तांतरित की. लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री ने कुल ₹2,094.21 करोड़ की धनराशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से जारी की. इस अवसर पर उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में अब तक 62 लाख से अधिक परिवार इस योजना का लाभ पा चुके हैं.
लाभार्थियों को कितनी मिलेगी सहायता?
PMAY (शहरी) 2.0 के तहत केंद्र और राज्य सरकार मिलकर पात्र परिवारों को अपना पक्का घर बनाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान कर रही हैं. योजना के नए चरणों के अनुसार सहायता राशि इस प्रकार विभाजित है. यह भी पढ़े: PM Awas Yojana: प्रधानमंत्री आवास योजना क्या है? जानें कौन कर सकता है आवेदन और कौन से दस्तावेज हैं जरूरी
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पहली किस्त: ₹1,00,000 (निर्माण शुरू करने के लिए)
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दूसरी किस्त: ₹1,00,000 (75% निर्माण कार्य पूरा होने पर)
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तीसरी किस्त: ₹50,000 (पूर्ण निर्माण और फिनिशिंग के लिए)
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कुल सहायता: प्रति परिवार ₹2,50,000
बिचौलियों पर लगाम और पारदर्शिता पर जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि योजना के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने नगर निकायों में नोडल अधिकारी नियुक्त करने का आदेश दिया है ताकि लाभार्थियों को समय पर निर्माण सामग्री सही दरों पर मिल सके. उन्होंने कहा, "सरकार ने प्रदेश से माफिया को खत्म किया है और जनता ने गंदगी को. अब यूपी विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है.
इन जिलों को मिला सबसे ज्यादा लाभ
राज्य सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस किस्त का लाभ पाने वाले शीर्ष जिलों में गाजियाबाद, बरेली, लखनऊ, गोरखपुर, प्रतापगढ़, अलीगढ़, बिजनौर, कुशीनगर, प्रयागराज, अयोध्या और महाराजगंज शामिल हैं. मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों से संवाद करते हुए उन्हें इस "उपहार" के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद पत्र लिखने का भी आग्रह किया.
'रोटी, कपड़ा और मकान' का सपना हुआ साकार
सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि आजादी के बाद पहली बार इतनी बड़ी संख्या में परिवारों को पक्का आवास मिला है. उन्होंने बताया कि 2017 से 2025 के बीच 17.66 लाख शहरी परिवारों को आवास दिए गए थे, जो अब बढ़कर 19.75 लाख हो गए हैं. PMAY के घरों को स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय, सौभाग्य योजना से बिजली और उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन से भी जोड़ा जा रहा है ताकि गरीबों को संपूर्ण सामाजिक सुरक्षा मिल सके.













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