अमेरिका में पीएम मोदी और ट्रंप की हो सकती है मुलाकात, UNGA समिट के दौरान टैरिफ पर होगी बात?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने UNGA बैठक के लिए अमेरिका जा सकते हैं PM Modi, Donald Trump ( Photo : X)

ऐसी खबरें आ रही हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने सितंबर में अमेरिका के दौरे पर जा सकते हैं. वजह है न्यूयॉर्क में होने वाली यूनाइटेड नेशंस जनरल असेंबली (UNGA) की सालाना बैठक, जिसमें दुनिया भर के बड़े नेता शामिल होते हैं. इस दौरे में सबसे अहम बात यह है कि पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच एक मुलाकात की योजना बन रही है. यह मुलाकात इसलिए भी खास है क्योंकि हाल के दिनों में भारत और अमेरिका के रिश्तों में कुछ तनाव देखने को मिला है.

क्यों महत्वपूर्ण है यह मुलाकात?

अगर यह बैठक होती है, तो यह पिछले सात महीनों में मोदी और ट्रंप की दूसरी मुलाकात होगी. इससे पहले पीएम मोदी फरवरी में अमेरिका गए थे. याद दिला दें कि ट्रंप के पहले कार्यकाल में दोनों नेताओं की दोस्ती काफी चर्चा में थी. लेकिन ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में व्यापार और टैक्स (टैरिफ) को लेकर उनके कड़े रुख ने रिश्तों में थोड़ी खटास पैदा कर दी है. हालांकि, ट्रंप आज भी कई मौकों पर पीएम मोदी को अपना "दोस्त" कहते हैं.

किन मुद्दों पर है असली तकरार?

दोनों देशों के बीच तनाव के मुख्य रूप से दो बड़े कारण हैं:

1. व्यापार और टैरिफ: भारत और अमेरिका के बीच एक बड़े व्यापार समझौते पर बात अटकी हुई है. अमेरिका चाहता है कि भारत अपने कृषि और डेयरी सेक्टर को अमेरिकी कंपनियों के लिए खोले, लेकिन भारत इसके लिए तैयार नहीं है.

इसी खींचतान के बीच, ट्रंप ने भारत से आने वाले सामान पर 25% का टैरिफ लगा दिया. इसके अलावा, भारत रूस से तेल खरीद रहा है, जिससे नाराज होकर ट्रंप ने 25% का एक और टैरिफ ठोक दिया. कुल मिलाकर यह 50% का भारी-भरकम टैरिफ बन गया है. इसके लागू होने की तारीख भी नजदीक आ रही है, इसलिए दोनों देश जल्द से जल्द कोई हल निकालना चाहते हैं.

2. रूस से तेल की खरीद: यह दूसरा बड़ा मुद्दा है. अमेरिका का मानना है कि भारत के रूस से तेल खरीदने पर जो पैसा रूस को मिलता है, उससे उसे यूक्रेन के खिलाफ युद्ध जारी रखने में मदद मिल रही है. ट्रंप प्रशासन भारत पर लगातार दबाव बना रहा है कि वह रूस से तेल का आयात कम करे.

हालांकि, भारत ने अमेरिकी दलीलों को मजबूती से खारिज किया है. भारत का कहना है कि अगर हम रूस से तेल खरीद रहे हैं, तो अमेरिका खुद भी रूस से यूरेनियम, खाद और केमिकल्स जैसी चीजें खरीद रहा है. भारत ने अमेरिका के इस दोहरे रवैये पर अपनी आपत्ति भी जताई है.

अब आगे क्या?

फिलहाल, भारत की नजर 15 अगस्त को होने वाली ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात पर टिकी है. उम्मीद की जा रही है कि इस बैठक में दोनों नेता पिछले तीन साल से चल रहे यूक्रेन युद्ध को खत्म करने पर कोई अहम चर्चा कर सकते हैं. अगर वहां कोई सकारात्मक नतीजा निकलता है, तो इसका असर भारत-अमेरिका के रिश्तों पर भी पड़ सकता है.