चीन के सोशल मीडिया यूजर्स के बीच छा गए PM मोदी, लोगों ने दिया ‘मोदी लाओक्सियन’ नाम
दोनों देशों के बीच सीमा विवाद के बावजूद, किसी अंतरराष्ट्रीय नेता के लिए यह एक दुर्लभ सम्मानजनक संदर्भ है. अमेरिकी मैग्जीन ‘डिप्लोमैट’ के पत्रकार म्यू चुनशान ने कहा कि मैं करीब 20 साल से अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टिंग कर रहा हूं और चीनी इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के लिए किसी विदेशी नेता को उपनाम देना दुर्लभ है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश में ही नहीं बल्कि विदेश में भी काफी लोकप्रिय हैं और उनकी लोकप्रियता देश और दुनिया में लगातार बढ़ती जा रही है. इसका ताजा उदाहरण पड़ोसी देश चीन में पीएम मोदी की बढ़ती लोकप्रियता है. एक रिपोर्ट में सामने आया है कि चीनी नागरिक पीएम मोदी को दुनिया का अलग, आश्चर्यजनक और खास नेता मानते हैं.
क्या मानना है चीन के लोगों का ?
अमेरिकी मैग्जीन ‘डिप्लोमैट’ में प्रकाशित एक लेख में कहा गया कि चीन में इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों (नेटीजन्स) के बीच पीएम मोदी काफी लोकप्रिय हैं. पत्रिका डिप्लोमैट के ‘चीन में भारत को कैसे देखा जाता है?’ लेख में पत्रकार म्यू चुनशान ने लिखा है कि ज्यादातर चीनी मानते हैं कि मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व के प्रमुख देशों के बीच संतुलन बना कर रख सकता है. पत्रकार चुनशान को चीनी सोशल मीडिया विशेषरूप से सिना वेइबो का विश्लेषण करने के लिए मशहूर हैं. सिना वेइबो चीन में ट्विटर जैसा सोशल मीडिया मंच है और इसके 58.2 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता हैं. Old Pension Scheme: महाराष्ट्र में शिंदे सरकार पुरानी पेंशन योजना के लिए तैयार, सरकारी कर्मचारियों ने हड़ताल वापस ली
मोदी लाओक्सियन का क्या मतलब है ?
अमेरिकी मैग्जीन में प्रकाशित लेख में पीएम मोदी को चीन में इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय बताया गया है. चीन के लोग पीएम मोदी को सम्मान से मोदी लाओक्सियन कहा जाता है, जिसका है ‘अर्थ मोदी अमर हैं’. यहां लाओक्सियन का संदर्भ कुछ विशेष क्षमताओं वाले एक बुजुर्ग अमर व्यक्ति से है. इस उपनाम का अर्थ है कि चीन में इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले लोग सोचते हैं कि पीएम मोदी अन्य नेताओं की तुलना में कुछ अलग और आश्चर्यजनक हैं.
पीएम मोदी हैं अलग
चीनी लोग सिर्फ पीएम मोदी के ड्रेसिंग स्टाइल और फिजिकल अपीयरेंस की वजह से ही उन्हें दूसरे नेताओं से अलग नहीं मानते हैं, बल्कि वे उनकी नीतियों को भी भारत की पिछली नीतियों से अलग मानते हैं. कुछ चीनी नागरिकों का यह भी मानना है कि रूस और अमेरिका सहित विभिन्न प्रमुख देशों के साथ भारत मैत्रीपूर्ण संबंध रख सकता है. पीएम मोदी के नाम में लाओक्सियन शब्द उनके प्रति चीनी लोगों की जटिल धारणा को दर्शाता है, जिसमें जिज्ञासा, विस्मय आदि शामिल हैं.
पीएम मोदी ने छोड़ी छाप
दोनों देशों के बीच सीमा विवाद के बावजूद, किसी अंतरराष्ट्रीय नेता के लिए यह एक दुर्लभ सम्मानजनक संदर्भ है. अमेरिकी मैग्जीन ‘डिप्लोमैट’ के पत्रकार म्यू चुनशान ने कहा कि मैं करीब 20 साल से अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टिंग कर रहा हूं और चीनी इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के लिए किसी विदेशी नेता को उपनाम देना दुर्लभ है. पीएम मोदी का उपनाम अन्य सभी से ऊपर है. निश्चित रूप से, उन्होंने चीनी जनमत पर एक छाप छोड़ी है.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 20, 2023 06:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

