PM CARES Fund: सरकार राज्यों को देगी 50,000 मेड इन इंडिया वेंटिलेटर, लाखों मरीजों को होगा फायदा
पीएम केयर्स फंड ट्रस्ट ने सभी क्षेत्रों में सरकार द्वारा चलाए जा रहे कोविड अस्पतालों को 50,000 ‘मेड इन इंडिया’ वेंटिलेटर की आपूर्ति के लिए 2,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं. इसके अलावा प्रवासी कामगारों के कल्याण के लिए 1,000 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की गई है. इस सहायता को प्रवासियों के आश्रय, खाना, चिकित्सा उपचार और परिवहन की व्यवस्था में उपयोग किया जाना है.
पीएम केयर्स फंड (PM CARES Fund) ट्रस्ट ने सभी राज्यों/ संघ शासित क्षेत्रों में सरकार द्वारा चलाए जा रहे कोविड अस्पतालों को 50,000 ‘मेड इन इंडिया’ वेंटिलेटर की आपूर्ति के लिए 2,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं. इसके अलावा प्रवासी कामगारों के कल्याण के लिए 1,000 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की गई है. 50,000 वेंटिलेटर में से 30,000 वेंटिलेटर एम/एस भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड द्वारा बनाए जा रहे हैं. बाकी 20,000 वेंटिलेटर एग्वा हैल्थकेयर (10,000), एएमटीजेड बेसिक (5,650), एएमटीजेड हाई एंड (4,000) और एलायड मेडिकल (350) द्वारा बनाए जा रहे हैं.
अभी तक 2,923 वेंटिलेटर बनाए जा चुके हैं, जिनमें से 1,340 वेंटिलेटरों की आपूर्ति राज्यों/ संघ शासित क्षेत्रों को कर दी गई है. वेंटिलेटर हासिल करने वाले प्रमुख राज्यों में महाराष्ट्र (275), दिल्ली (275), गुजरात (175), बिहार (100), कर्नाटक (90), राजस्थान (75) शामिल हैं. जून, 2020 के अंत तक सभी राज्यों/ संघ शासित क्षेत्रों को अतिरिक्त 14,000 वेंटिलेटर की आपूर्ति कर दी जाएगी. इसके अलावा प्रवासी कामगारों के कल्याण के लिए राज्यों/ संघ शासित क्षेत्रों को 1,000 करोड़ रुपये की धनराशि पहले ही जारी की जा चुकी है.
सभी राज्यों/ संघ शासित क्षेत्रों को 2011 की जनसंख्या के लिए 50 प्रतिशत भार, पॉजिटिव कोविड-19 मामलों की संख्या के लिए 40 प्रतिशत भार और सभी को समान रूप से 10 प्रतिशत के फॉर्मूले के आधार पर कोष का वितरण किया गया है. इस सहायता को प्रवासियों के आश्रय, खाना, चिकित्सा उपचार और परिवहन की व्यवस्था में उपयोग किया जाना है.
इस धनराशि को हासिल करने वालों में महाराष्ट्र (181 करोड़ रुपये), उत्तर प्रदेश (103 करोड़ रुपये), तमिलनाडु (83 करोड़ रुपये), गुजरात (66 करोड़ रुपए), दिल्ली (55 करोड़ रुपये), पश्चिम बंगाल (53 करोड़ रुपये), बिहार (51 करोड़ रुपये), मध्य प्रदेश (50 करोड़ रुपये) राजस्थान (50 करोड़ रुपये) और कर्नाटक (34 करोड़ रुपये) प्रमुख हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 24, 2020 01:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

