पटना: राजेंद्र नगर में स्थानीय लोगों ने पानी से भरी सड़कों पर यात्रा करने के लिए बनाई बांस की नांव
पिछले कई दिनों से पटना में बाढ़ की स्तिथि लगातार बनी हुई है, बाद की वजह से वहां के लोगों का जीवन अस्त व्यस्त हो चुका है. गाने और जमे हुए पानी में घर से बाहर निकलने के लिए बांस के नाव बनाए जा रहे हैं.
पटना: पिछले कई दिनों से पटना में बाढ़ की स्तिथि लगातार बनी हुई है, बाढ़ की वजह से यहां के लोगों का जीवन अस्त व्यस्त हो चुका है. गंदे और जमे हुए पानी में घर से बाहर निकलने के लिए स्बांथानीय लोग बांस की नाव बना रहे हैं. नालों का गन्दा पानी सड़कों पर जमा हो जाने की वजह से पटना नगर निगम (PMC) के कार्यकर्ता पटना के बाढ़ प्रभावित राजेंद्र नगर इलाके में पानी से फैलने वाले रोगों के खिलाफ एक एहतियात के तौर पर पानी में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया गया. पटना में एनडीआरऍफ़ की टीम द्वारा लगातार लोगों को बचाने का कार्य जारी है. पटना के राजेंद्र नगर इलाके में बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच स्वयंसेवक लगातार खाने का सामान वितरित कर रहे हैं. राजेंद्र नगर में बाढ़ प्रभावित इलाके से लोगों को बचाने का कार्य लगातार जारी है.
बाढ़ के कारण अब तक 42 लोगों की मौत हो चुकी है. भारी बारिश ने नीतीश सरकार की विकास के दावों की पोल खोल कर रख दी है. वहीं राजधानी पटना बाढ़ और बारिश के पानी में पूरी तरह डूब चुका है. अब भले ही बरसात थम गई हो लेकिन पटना में जलजमाव की स्थिति बनी हुई है.
देखें ट्वीट:
Patna: Locals in Rajendra Nagar area construct a makeshift boat to travel through flooded streets. #Bihar #BiharFlood pic.twitter.com/jnysWjS4LA
— ANI (@ANI) October 5, 2019
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बिहार में बाढ़ से मरने वाले 42 लोगों में भागलपुर में दस, गया में छह, पटना एवं कैमूर में चार-चार, खगड़िया एवं भोजपुर में तीन-तीन, बेगूसराय, नालंदा एवं नवादा में दो-दो, पूर्णिया, जमुई, अरवल, बांका, सीतामढ़ी एवं कटिहार में एक-एक व्यक्ति शामिल हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 05, 2019 10:04 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

