Jammu and Kashmir: पाकिस्तान से ड्रोन और गुब्बारों से घुसपैठ की कोशिश, भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर में सीमा पर बढ़ाई चौकसी
जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान की ओर से ड्रोन और विमान के आकार के गुब्बारों के जरिए लगातार घुसपैठ की कोशिशें की जा रही हैं. भारतीय सेना ने सीमा पर निगरानी और बढ़ा दी है, जबकि खुफिया एजेंसियों का मानना है कि यह सुरक्षा बलों का ध्यान भटकाने की एक सोची-समझी रणनीति है.
नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) में भारत-पाकिस्तान सीमा (India-Pakistan Border) पर पिछले कुछ समय से संदिग्ध गतिविधियों में काफी तेजी देखी गई है. नियंत्रण रेखा (LoC) पर ड्रोन और पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (Pakistan International Airlines) (PIA) के नाम वाले गुब्बारों (Balloons) की बढ़ती संख्या को देखते हुए भारतीय सेना (Indian Army) ने अपनी निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी है. सुरक्षा एजेंसियों (Security Agencies) का मानना है कि यह केवल छिटपुट घटनाएं नहीं हैं, बल्कि सीमा पर सुरक्षा बलों को उलझाए रखने का एक Deliberate (जानबूझकर किया गया) प्रयास है. यह भी पढ़ें: Khyber Pakhtunkhwa: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में बड़ा आतंकी हमला, कोहाट में DSP और इंस्पेक्टर समेत 7 की मौत; पुलिस वाहन को फूंका
संदिग्ध गुब्बारे और ड्रोन की सक्रियता
हाल ही में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक ऐसा गुब्बारा बरामद किया है जो देखने में विमान जैसा लगता है और उस पर 'पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस' अंकित है. हालांकि, प्रारंभिक जांच में इसमें कोई भी इलेक्ट्रॉनिक या हानिकारक सामग्री नहीं मिली है. इसके अलावा, पुंछ जिले में पिछले कुछ महीनों में क्वाडकॉप्टर्स (ड्रोन) द्वारा भारतीय वायुक्षेत्र के उल्लंघन की कई कोशिशें की गई हैं, जिन्हें सेना ने अपनी त्वरित जवाबी कार्रवाई से नाकाम कर दिया है.
सुरक्षा एजेंसियों का विश्लेषण: ध्यान भटकाने की साजिश
खुफिया अधिकारियों के अनुसार, पाकिस्तान की इस रणनीति के पीछे मुख्य उद्देश्य भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को लंबे समय तक व्यस्त रखना है.
- इन ड्रोन उड़ानों का मकसद नशीले पदार्थों या हथियारों की तस्करी नहीं है, बल्कि यह एक तरह का 'डिस्ट्रैक्शन' (ध्यान भटकाने वाला) अभियान है.
- इनका लक्ष्य भारतीय सुरक्षा तंत्र को सीमा पर उलझाकर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में मौजूद आतंकी लॉन्च पैड्स को सक्रिय करना है, ताकि वहां से आतंकवादियों की घुसपैठ कराई जा सके. यह भी पढ़ें: Pakistan Suicide Bombing: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में आत्मघाती कार हमला, 11 सुरक्षाकर्मियों की मौत; फिदायीन विस्फोट से मची तबाही
आतंकियों की हताशा और घुसपैठ का दबाव
खुफिया अनुमानों के मुताबिक, लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों के 1,000 से अधिक आतंकवादी लॉन्च पैड्स पर घुसपैठ का इंतजार कर रहे हैं. 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद से भारतीय सुरक्षा बलों की त्रि-स्तरीय (multi-layer) सुरक्षा व्यवस्था इतनी मजबूत हो गई है कि पाकिस्तान को एक भी आतंकवादी को भारतीय सीमा में धकेलने में सफलता नहीं मिली है। यही कारण है कि आतंकी समूहों में घोर हताशा देखी जा रही है और आईएसआई (ISI) पर उन्हें फिर से सक्रिय करने का भारी दबाव है.
सुरक्षा व्यवस्था और भारतीय सेना का रुख
भारतीय सुरक्षा बल सीमा पर घुसपैठ, फायरिंग और अन्य किसी भी प्रकार की चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान सुरक्षा ग्रिड को भेदने में बार-बार विफल होने के कारण नई-नई तरकीबें अपना रहा है. हालांकि, सेना और खुफिया एजेंसियां इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि उनकी बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा किसी भी घुसपैठ की कोशिश को नाकाम करने में सक्षम है.