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Col. Shrikant Purohit Promoted: मालेगांव ब्लास्ट केस में बरी हुए कर्नल श्रीकांत पुरोहित बनेंगे ब्रिगेडियर, भारतीय सेना ने दी प्रमोशन को मंजूरी

2008 के मालेगांव धमाका मामले में बरी होने के बाद कर्नल श्रीकांत पुरोहित के करियर में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया है. भारतीय सेना ने उन्हें ब्रिगेडियर पद पर पदोन्नति के लिए मंजूरी दे दी है, जिससे उनकी लंबे समय से रुकी हुई करियर प्रगति फिर से शुरू होगी.

Col. Shrikant Purohit Promoted: मालेगांव ब्लास्ट केस में बरी हुए कर्नल श्रीकांत पुरोहित बनेंगे ब्रिगेडियर, भारतीय सेना ने दी प्रमोशन को मंजूरी
(Photo Credits Twitter)

Col. Shrikant Purohit Promoted: मालेगांव धमाका मामले (2008) में लंबी कानूनी लड़ाई लड़ने और अंततः बरी होने के बाद, कर्नल श्रीकांत प्रसाद पुरोहित के लिए भारतीय सेना से एक राहत भरी खबर आई है. सेना ने उन्हें ब्रिगेडियर के पद पर पदोन्नत करने की मंजूरी दे दी है. न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, यह फैसला सशस्त्र बल न्यायाधिकरण (AFT) के हस्तक्षेप और पिछले साल कोर्ट से मिली क्लीन चिट के बाद लिया गया है.

करियर की प्रगति पर लगा था ब्रेक

कर्नल पुरोहित को 2008 में मालेगांव ब्लास्ट केस के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था. वे लगभग नौ साल तक हिरासत में रहे और 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दी. जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने सेना में अपनी ड्यूटी फिर से जॉइन कर ली थी, लेकिन कानूनी कार्रवाई जारी होने के कारण उनकी सीनियरिटी और प्रमोशन पर रोक लगी हुई थी. 31 जुलाई, 2025 को मुंबई की एक विशेष एनआईए अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया, जिससे उनके प्रमोशन का रास्ता साफ हुआ.  यह भी पढ़े:  Malegaon Blast Case: कर्नल पुरोहित मालेगांव ब्लास्ट मामले में बरी होने के बाद पहली बार पुणे अपने घर पहुंचे, लोगों ने गर्मजोशी के साथ किया स्वागत; VIDEO

ट्रिब्यूनल ने रोकी थी सेवानिवृत्ति

कर्नल पुरोहित की सेवानिवृत्ति 31 मार्च, 2026 को होने वाली थी. हालांकि, उन्होंने सशस्त्र बल न्यायाधिकरण (AFT) में एक याचिका दायर कर दलील दी थी कि मुकदमे के कारण उनके करियर के महत्वपूर्ण वर्ष बर्बाद हो गए और उनके जूनियर्स को उनसे पहले पदोन्नति मिल गई. जस्टिस राजेंद्र मेनन की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए उनकी सेवानिवृत्ति पर रोक लगा दी थी और सेना को उनके प्रमोशन और सेवा लाभों पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया था.

बेदाग सेवा रिकॉर्ड की दलील

सुनवाई के दौरान कर्नल पुरोहित के वकील ने तर्क दिया कि दो दशकों से अधिक के उनके सेवा रिकॉर्ड में कोई दाग नहीं है. दोबारा ड्यूटी पर लौटने के बाद भी उनकी प्रदर्शन रिपोर्ट (ACR) बेहतरीन रही है. न्यायाधिकरण ने माना कि अधिकारी के साथ उसके कनिष्ठों (Juniors) के समान ही व्यवहार किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके.

परिवार और सेना में खुशी का माहौल

सेना के इस फैसले से कर्नल पुरोहित के परिवार में खुशी का माहौल है. जानकारों का मानना है कि यदि यह कानूनी विवाद नहीं होता, तो वे अब तक मेजर जनरल के पद तक पहुंच चुके होते. अब ब्रिगेडियर के पद पर प्रमोशन मिलने से वे 31 मार्च, 2028 तक अपनी सेवाएं दे सकेंगे. यह निर्णय न केवल उनके पेशेवर सम्मान की बहाली है, बल्कि उनकी 17 साल लंबी कानूनी और मानसिक पीड़ा का एक सुखद अंत भी माना जा रहा है.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 10, 2026 10:59 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).