भारत के 'ऑपरेशन सिंदूर' की गूंज अब सिर्फ भारत में नहीं, बल्कि पाकिस्तान में भी साफ सुनाई दे रही है. जो पाकिस्तान कल तक कह रहा था कि "कुछ हुआ ही नहीं", वही अब मान रहा है कि उसके कई अहम एयरबेस बर्बाद हो गए हैं. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने खुद कबूला है कि भारत के हमले में नूरखान एयरबेस समेत कई जगहों पर भारी नुकसान हुआ है.
शहबाज शरीफ का कबूलनामा
शहबाज शरीफ का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल है जिसमें वो कहते हैं – “9 और 10 तारीख की रात करीब ढाई बजे जनरल आसिम मुनीर ने मुझे बताया कि भारत ने बैलेस्टिक मिसाइलें लॉन्च की हैं, जिनमें से एक नूरखान एयरबेस पर गिरी है और बाकी कुछ और जगहों पर.”
उन्होंने ये भी कहा कि पाकिस्तानी वायुसेना ने देश को बचाने की कोशिश की, अपने सिस्टम और कुछ चीनी तकनीक का इस्तेमाल भी किया, लेकिन मिसाइलें लग चुकी थीं.
इस वीडियो में पाकिस्तान के पीएम शाहबाज़ शरीफ़ के झूठ दर झूठ दावों के बीच एक बात जो सच है वो है
“8-9 मई की दरम्यानी रात सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने रात ढाई बजे सिक्योर फ़ोन पर मुझसे कहा कि भारत ने नूर खान समेत कई जगहों पर बैलिस्टिक मिसाइलें गिरायीं हैं…” pic.twitter.com/SrKG7ZezZE
— Umashankar Singh उमाशंकर सिंह (@umashankarsingh) May 17, 2025
नूरखान एयरबेस क्यों है इतना खास?
नूरखान एयरबेस कोई आम हवाई अड्डा नहीं है. ये पाकिस्तान के सबसे महत्वपूर्ण और सुरक्षित मिलिट्री एयरबेस में से एक है. यहां से VVIP उड़ानें भरती हैं – यानी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, सेना प्रमुख जैसे बड़े अधिकारी इसी एयरबेस का इस्तेमाल करते हैं. ये एयरबेस इस्लामाबाद के बेहद करीब है और देश की सुरक्षा के लिहाज से काफी अहम है.
सैटेलाइट तस्वीरों ने खोली पोल
स्पेस कंपनी Satellogic और SkyFi की सैटेलाइट तस्वीरों से इस बात की पुष्टि हुई है कि 10 मई को नूरखान एयरबेस पर मिसाइल गिरी थी.
इन तस्वीरों में देखा गया है कि जहां मिसाइल गिरी, वहां से सिर्फ 435 मीटर की दूरी पर एक सफेद Gulfstream G450 विमान खड़ा था – जिसे पाकिस्तान सरकार प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री की यात्राओं के लिए इस्तेमाल करती है. यानी ये हमला बहुत सटीक था और अगर थोड़ा भी चूक होती, तो पाकिस्तान के बड़े नेताओं की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती थी.
क्या तबाह हुआ?
तस्वीरों से साफ है कि रावलपिंडी स्थित इस एयरबेस पर भारतीय वायुसेना के हमले में एक कमांड और कंट्रोल यूनिट पूरी तरह तबाह हो गई है. यह यूनिट दुश्मन की हरकतों पर नजर रखने और रडार सिस्टम से डेटा जुटाने का काम करती है.
पाकिस्तान ने पहले क्यों छुपाया?
जब भारत ने ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया, तो पाकिस्तान ने शुरू में कहा कि कुछ नहीं हुआ. लेकिन अब खुद उनके प्रधानमंत्री मान रहे हैं कि नुकसान हुआ है. इसका मतलब साफ है – पाकिस्तान अपने लोगों से सच छुपा रहा था. लेकिन अब जब सैटेलाइट तस्वीरें सामने आईं और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में खबरें आने लगीं, तो सच्चाई छुप नहीं सकी.
भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' से दुनिया को ये दिखा दिया कि अगर कोई हमला करेगा, तो जवाब इतना सटीक और तेज होगा कि दुश्मन को संभलने का मौका भी नहीं मिलेगा. और सबसे अहम बात – अब पाकिस्तान भी मान गया है कि भारत की सर्जिकल स्ट्राइक जैसी कार्रवाइयों में दम है.













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