Republic Day 2026: भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में इस वर्ष रक्षा क्षेत्र का आकर्षण 'ऑपरेशन सिंदूर' (Operation Sindoor) की सफलता पर आधारित 'ट्राई-सर्विस' (Tri-Service) झांकी रही. 'संयुक्तता के माध्यम से विजय' (Victory Through Jointness) की थीम पर आधारित इस झांकी ने कर्तव्य पथ पर भारत की अत्याधुनिक युद्ध क्षमता और तीनों सैन्य अंगों के बीच अटूट तालमेल का प्रदर्शन किया. यह पिछले वर्ष आतंकवाद के खिलाफ चलाए गए ऐतिहासिक ऑपरेशन के बाद पहली गणतंत्र दिवस परेड है.
ऑपरेशन सिंदूर: क्या थी झांकी की विशेषता?
रक्षा मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत इस झांकी में एक क्रमबद्ध तरीके से दिखाया गया कि कैसे थल सेना, नौसेना और वायुसेना ने मिलकर दुश्मन के ठिकानों को ध्वस्त किया. झांकी के मुख्य आकर्षणों में निम्नलिखित शामिल रहे
कर्तव्य पथ पर 'ऑपरेशन सिंदूर' की दहाड़
#WATCH 77वें गणतंत्र दिवस की परेड में भारतीय रक्षा बलों की तीनों सेवाओं की झांकी ऑपरेशन सिंदूर: एकजुटता के माध्यम से विजय को दर्शाते हुए मार्च की। pic.twitter.com/ZJ0sLVGBTf
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 26, 2026
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नौसेना का प्रभुत्व: झांकी की शुरुआत में भारतीय नौसेना को समुद्री क्षेत्र में दुश्मन की गतिविधियों को रोकते हुए दिखाया गया.
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वायुसेना की सर्जिकल स्ट्राइक: झांकी के मध्य भाग में राफेल (Rafale) विमान को स्कैल्प (SCALP) मिसाइलों के साथ और सुखोई-30 एमकेआई को ब्रह्मोस मिसाइल दागते हुए प्रदर्शित किया गया.
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थल सेना की आर्टिलरी: अंत में एम777 अल्ट्रा-लाइट होवित्जर और आकाश एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा दुश्मन के विमानों और ठिकानों को सटीक निशाना बनाने की झलक दिखाई गई.
आतंकवाद के खिलाफ 'न्यू नॉर्मल' का संदेश
झांकी का उद्देश्य दुनिया को यह संदेश देना था कि भारत अब आतंकवाद और हिंसा को बर्दाश्त नहीं करेगा. 'ऑपरेशन सिंदूर' पिछले वर्ष पहलगाम हमले के जवाब में किया गया था, जिसमें पीओके (PoK) और पाकिस्तान के भीतर स्थित नौ आतंकी ठिकानों को नष्ट किया गया था. झांकी में दर्शाया गया कि कैसे आधुनिक तकनीक जैसे 'हैरप' (HAROP) लोइटरिंग मूनिशन ने दुश्मन के राडार को निष्क्रिय किया, जिससे भारतीय विमानों के लिए रास्ता साफ हुआ.
स्वदेशी रक्षा प्रणालियों का गौरव
इस झांकी ने 'आत्मनिर्भर भारत' की तस्वीर भी पेश की. इसमें दिखाए गए ज्यादातर हथियार और संचार प्रणालियां भारत में ही विकसित की गई हैं. एस-400 मिसाइल प्रणाली की 350 किलोमीटर की लंबी दूरी की मारक क्षमता को भी झांकी में स्थान दिया गया, जिसने ऑपरेशन के दौरान दुश्मन के अर्ली वार्निंग विमान को मार गिराया था.
ऐतिहासिक संदर्भ और महत्व
विशेषज्ञों के अनुसार, 1971 के बाद 'ऑपरेशन सिंदूर' भारत की सबसे बड़ी और साहसिक सैन्य कार्रवाई मानी जाती है. परेड कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल भवनीश कुमार ने बताया कि इस झांकी का उद्देश्य केवल सैन्य शक्ति दिखाना नहीं, बल्कि देश के उस राजनीतिक संकल्प को प्रदर्शित करना है, जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने 'नया भारत' और 'न्यू नॉर्मल' का नाम दिया है.













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