India-Pakistan War Risk Rising! पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच जंग होने के चांस कितने परसेंट हैं?

India-Pakistan Tensions Escalate! जम्मू-कश्मीर के पहलगाम क्षेत्र में हुए आतंकी हमले ने भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव को फिर से बढ़ा दिया है. इस हमले में 26 लोग मारे गए, जिनमें कोई सैन्य अधिकारी या सैनिक नहीं बल्कि भारतीय पर्यटक थे, जो कश्मीर की खूबसूरत घाटी का आनंद लेने आए थे. यह हमला 2019 के बाद का सबसे घातक हमला है, और इसने भारत की सुरक्षा और विदेश नीति को एक बार फिर चुनौती दी है. अब सवाल यह है कि क्या इस हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध की संभावना है? विशेषज्ञों का मानना है कि स्थिति बेहद नाजुक है, और एक सीमित सैन्य कार्रवाई या जंग का खतरा पूरी तरह से बना हुआ है.

क्या भारत-पाकिस्तान के बीच जंग का खतरा है?

भारत और पाकिस्तान दोनों परमाणु शक्ति से सम्पन्न देश हैं, और दोनों के पास एक दूसरे के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की क्षमता है. 2016 में उरी हमले और 2019 में पुलवामा हमले के बाद दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव हुआ था, जिसमें दोनों पक्षों ने अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया था. हालांकि, दोनों देशों ने सीधे युद्ध से बचने की कोशिश की और सीमित सैन्य कार्रवाई को प्राथमिकता दी.

विश्लेषकों का कहना है कि इस बार भी पूरी जंग का खतरा उतना ज्यादा नहीं है, क्योंकि दोनों देशों को यह समझ है कि युद्ध की स्थिति परमाणु हमलों तक जा सकती है, जिससे बड़े पैमाने पर तबाही हो सकती है. हालांकि, यह कहना भी मुश्किल है कि युद्ध का खतरा पूरी तरह से समाप्त हो गया है.

भारत की प्रतिक्रिया: क्या होगी अगली कार्रवाई?

भारत ने पहलगाम हमले के बाद कुछ ठोस कदम उठाए हैं, जिनमें प्रमुख बॉर्डर क्रॉसिंग अटारी को बंद करना, सिंधु जल संधि को निलंबित करना, और कुछ पाकिस्तानी राजनयिकों को निष्कासित करना शामिल है. इन कदमों से पाकिस्तान पर दबाव बनाने की कोशिश की गई है, लेकिन क्या ये कदम युद्ध की ओर ले जाएंगे?

विशेषज्ञों का कहना है कि भारत के पास दो विकल्प हैं:

सीमित सैन्य कार्रवाई: भारत एलओसी (लाइन्स ऑफ कंट्रोल) के पार सीमित सैन्य कार्रवाई कर सकता है, जैसा कि 2016 और 2019 में किया गया था. इससे पाकिस्तान पर दबाव बढ़ेगा, लेकिन युद्ध की संभावना कम होगी.

हवाई हमले या मिसाइल हमले: 2019 के बालाकोट हवाई हमलों की तरह, भारत सीमित हवाई हमले या पारंपरिक मिसाइल हमले कर सकता है. हालांकि, यह कदम और बड़ा विवाद खड़ा कर सकता है और दोनों देशों के बीच सीधे युद्ध की स्थिति को जन्म दे सकता है.

पाकिस्तान का संभावित जवाब

पाकिस्तान की तरफ से भी कड़ी प्रतिक्रिया की संभावना है. पाकिस्तान ने पहले भी भारत की सैन्य कार्रवाइयों का जवाब जंगी विमानों और सीमा पर गोलाबारी के रूप में दिया है. हालांकि, पाकिस्तान के पास भी परमाणु हथियार हैं, और किसी भी सैन्य टकराव के परिणाम बहुत गंभीर हो सकते हैं. पाकिस्तान की सेना और नेतृत्व हमेशा से भारत के खिलाफ अपनी सैन्य क्षमता का प्रदर्शन करने को तैयार रहा है, लेकिन युद्ध से बचने के लिए वह भी सीमित प्रतिक्रिया देने की कोशिश करेगा.

क्या है युद्ध की संभावना?

भारत और पाकिस्तान के बीच जंग की संभावना को लेकर विशेषज्ञों के बीच मतभेद हैं. कुछ का मानना है कि दोनों देशों के बीच युद्ध की संभावना कम है, क्योंकि परमाणु हथियारों के कारण दोनों पक्ष इस जोखिम को नहीं उठाना चाहेंगे. वहीं कुछ विश्लेषक मानते हैं कि सीमा पर बढ़ते तनाव, गलत अनुमान और आक्रामक सैन्य कार्रवाइयों के कारण जंग का खतरा बढ़ सकता है.

क्या है युद्ध के खतरे का प्रतिशत?

अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल पूर्ण युद्ध की संभावना लगभग 30-40% है. यह अनुमान इस पर निर्भर करेगा कि दोनों देश अपनी सैन्य रणनीतियों को किस तरह से लागू करते हैं और कितनी तेजी से संघर्ष को बढ़ाते हैं. यदि दोनों देशों के बीच स्थिति और जटिल होती है, तो यह आंकड़ा बढ़ सकता है, लेकिन इस समय तक दोनों पक्ष किसी पूर्ण युद्ध से बचने की कोशिश करेंगे.

पहलगाम में हुआ आतंकी हमला भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को और बढ़ा सकता है, लेकिन युद्ध की स्थिति को लेकर पूरी तरह से निश्चितता नहीं है. भारत और पाकिस्तान के बीच सबसे बड़ा खतरा यह है कि दोनों के पास परमाणु हथियार हैं, और किसी भी गलत कदम से व्यापक संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हो सकती है. फिलहाल, दोनों देशों की सैन्य और राजनीतिक रणनीतियां पूरी तरह से सैन्य कार्रवाई तक सीमित रहने की संभावना को इंगीत करती हैं, हालांकि यह हमेशा ही जोखिम से भरा होता है.