ISI Spy Module Busted: पाकिस्तान में एक्टिव मिले भारतीय सिम, ISI के जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़
इस मामले में एक नेपाली नागरिक को गिरफ्तार किया गया है. (Photo: X)

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़े जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI की एक और नापाक साजिश को नाकाम कर दिया है. "ऑपरेशन सिंदूर" के तहत पुलिस ने एक ऐसे रैकेट का भंडाफोड़ किया है जो भारत से सिम कार्ड खरीदकर उन्हें पाकिस्तान भेज रहा था. इन सिम कार्ड्स का इस्तेमाल भारतीय सेना की जासूसी के लिए किया जा रहा था. इस मामले में एक नेपाली नागरिक को गिरफ्तार किया गया है.

कैसे फंसा ISI के जाल में?

पुलिस ने इस मामले में नेपाल के रहने वाले प्रभात कुमार चौरसिया को दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके से गिरफ्तार किया है. प्रभात की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है. नेपाल में जन्मा और बिहार में पढ़ा-लिखा प्रभात पहले फार्मा सेक्टर में काम करता था. बाद में उसने काठमांडू में अपनी लॉजिस्टिक्स कंपनी शुरू की, लेकिन उसे भारी घाटा हुआ. विदेश जाने की चाहत और पैसों की तंगी ने उसे ISI के एजेंटों के करीब पहुंचा दिया.

2024 में एक नेपाली बिचौलिए के जरिए उसकी मुलाकात ISI एजेंटों से हुई. उन्होंने प्रभात की मजबूरी का फायदा उठाते हुए उसे अमेरिका का वीजा दिलाने का झांसा दिया. इसके बदले में उसे एक आसान सा काम सौंपा गया - भारत से सिम कार्ड खरीदकर नेपाल के रास्ते उन तक पहुंचाना.

क्या थी पूरी साजिश?

प्रभात ने अपने ही आधार कार्ड का इस्तेमाल करके बिहार और महाराष्ट्र से कुल 16 भारतीय सिम कार्ड खरीदे. इन सिम कार्ड्स को वह नेपाल ले जाकर ISI एजेंटों को सौंप देता था. जांच में पता चला है कि इनमें से 11 सिम कार्ड पाकिस्तान के बहावलपुर और लाहौर जैसे शहरों में एक्टिवेट किए गए थे. बहावलपुर, आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ माना जाता है.

पाकिस्तानी एजेंट इन भारतीय नंबरों पर व्हाट्सऐप अकाउंट बनाते थे. फिर इन नंबरों का इस्तेमाल करके वे भारतीय सेना के जवानों और अधिकारियों से संपर्क साधने की कोशिश करते थे, ताकि उनसे देश की सुरक्षा से जुड़ी खुफिया और संवेदनशील जानकारी निकलवा सकें.

पुलिस ने कैसे की कार्रवाई?

28 अगस्त 2025 को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को एक पक्की सूचना मिली कि ISI से जुड़ा एक व्यक्ति लक्ष्मी नगर में मौजूद है. सूचना मिलते ही टीम हरकत में आई और प्रभात कुमार चौरसिया को धर दबोचा. उसके पास से कई डिजिटल डिवाइस और खरीदे गए सिम कार्ड्स के खाली पैकेट भी बरामद हुए हैं.

पुलिस ने प्रभात के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और अब इस जासूसी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है. यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि कैसे दुश्मन देश पैसों का लालच देकर आम लोगों को देश विरोधी गतिविधियों में फंसाने की कोशिश करते हैं.