Mock Drill Updates: राजस्थान, गुजरात, पंजाब में टला ऑपरेशन शील्ड, हरियाणा में शाम 5 बजे होगा मॉक ड्रिल
Mock Drill, Representational Image | PTI

Mock Drill Updates: राजस्थान, गुजरात, पंजाब और जम्मू-कश्मीर में 29 मई को आयोजित होने वाला सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल 'ऑपरेशन शील्ड' फिलहाल टाल दिया गया है. राजस्थान गृह विभाग और गुजरात सूचना विभाग की ओर से बुधवार को साझा बयान जारी कर बताया गया कि यह अभ्यास प्रशासनिक कारणों से स्थगित किया गया है, और इसकी नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी. राजस्थान और गुजरात सरकारों ने बयान में कहा कि "प्रशासनिक कारणों" से यह अभ्यास अभी संभव नहीं है. हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि “सभी सिविल डिफेंस कंट्रोलरों और संबंधित अधिकारियों को इस स्थगन की सूचना दी जाए और अगली तारीख की घोषणा जल्द की जाएगी.”

हरियाणा में शाम 5 बजे ऑपरेशन शील्ड का आयोजन

हरियाणा में शाम 5 बजे मॉक ड्रिल आयोजित होगा. हरियाणा सरकार के गृह मंत्रालय के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी ने सभी पुलिस आयुक्तों (CP), आयुक्तों (DCP) और पुलिस उपाधीक्षकों (SP) को गुरुवार की मॉक ड्रिल की तैयारियों को लेकर निर्देश दिया.

ऑपरेशन शील्ड को लेकर लेटेस्ट अपडेट

क्या है ‘ऑपरेशन शील्ड’?

'ऑपरेशन शील्ड' एक सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल है, जिसका उद्देश्य सीमा से सटे राज्यों में आपात स्थितियों से निपटने की तैयारी को परखना और मजबूत करना है. इस अभ्यास का आयोजन गुजरात, पंजाब और जम्मू-कश्मीर जैसे पाकिस्तान से सटे इलाकों में किया जाना था. इस ड्रिल के जरिए यह जांचा जाता है कि आपदा या सैन्य हमले की स्थिति में स्थानीय प्रशासन, पुलिस, फायर सर्विस और होम गार्ड्स किस तरह और कितनी तेजी से प्रतिक्रिया देते हैं.

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद था यह अगला कदम

गौरतलब है कि 7 मई को देशभर में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम से पहली बार एक राष्ट्रीय स्तर की सिविल डिफेंस ड्रिल आयोजित की गई थी. उसी के अगले चरण के रूप में 'ऑपरेशन शील्ड' का आयोजन किया जा रहा था. गृह मंत्रालय के अधीन आने वाले फायर सर्विस और होम गार्ड्स महानिदेशालय ने बताया था कि पिछली ड्रिल में कुछ क्षेत्रों में सिविल डिफेंस की तैयारियों में कमियां पाई गई थीं, जिन्हें दूर करने के लिए यह नया अभ्यास जरूरी है.

पाक सीमा से सटे जिलों पर विशेष ध्यान

‘ऑपरेशन शील्ड’ खासतौर पर उन जिलों में आयोजित किया जा रहा था, जो पाकिस्तान सीमा के निकट स्थित हैं. इसका उद्देश्य था कि किसी भी संभावित आपात स्थिति या आतंकी हमले के वक्त प्रशासनिक तंत्र की प्रतिक्रिया और सहयोग की ताकत को परखा जा सके.