ओडिशा की अदालत ने दोहरे हत्याकांड में मंत्री की भूमिका की जांच के आदेश दिये
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: Twitter)

भुवनेश्वर/कटक, 26 अगस्त: ओडिशा की एक अदालत ने बृहस्पतिवार को पुलिस को निर्देश दिया कि वह इस साल कटक जिले में दो भाजपा नेताओं की हत्या के मामले में राज्य के कानून मंत्री प्रताप जेना (Law Minister Pratap Jena) की कथित भूमिका को लेकर आगे की जांच करें. सलीपुर के न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) ने मृतक भाजपा नेताओं में से एक कुलमणि बराल के बेटे रमाकांत बराल के याचिका दायर करने के बाद महांगा पुलिस को मामले में जेना की कथित संलिप्तता को लेकर जांच करने के निर्देश दिए.  यह भी पढे: सीएम Shivraj Singh Chouhan ने कहा- मध्य प्रदेश में देशविरोधी नारे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि दोहरे हत्याकांड में जेना की कथित संलिप्तता को लेकर पुलिस की जांच में कोई जिक्र नहीं है जबकि 14 आरोपियों वाली प्राथमिकी में उनका नाम भी शामिल था. महांगा पुलिस ने जहां 12 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया, वहीं इस दस्तावेज में जेना का कोई जिक्र नहीं था.  शुरुआत में 14 लोगों के खिलाफ शिकायत की गई थी, जिनमें से एक की मौत हो चुकी है.

पीड़ित के बेटे ने आरोप लगाया था कि महांगा पुलिस ने दायर आरोपपत्र में कानून मंत्री का नाम हटा दिया है. दो जनवरी को कटक जिले में जनकोटी के पास भाजपा नेता कुलमणि बराल (Kulmani Baral) और उनकी सहयोगी दिव्या सिंह बराल (Divya Singh Baral) पर कुछ लोगों ने धारदार हथियारों से हमला कर दिया.  इस हमले में दोनों की मौत हो गई थी. इस दोहरे हत्याकांड के 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था.

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