कोलकाता/नई दिल्ली, 8 मई: पश्चिम बंगाल (West Bengal) में सत्ता परिवर्तन की औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Union Home Minister Amit Shah) आज कोलकाता (Kolkata) में बीजेपी (BJP) विधायक दल की एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करेंगे. इस बैठक का मुख्य एजेंडा सदन के नेता का चुनाव करना है, जो राज्य के अगले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे. बंगाल में बीजेपी की पहली सरकार के गठन को लेकर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने पूरी ताकत झोंक दी है. यह भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल में BJP सरकार का शपथ ग्रहण 9 मई को; पीएम मोदी और अमित शाह की मौजूदगी में होगा भव्य समारोह
विधानसभा भंग और राजनीतिक हलचल
राज्य में राजनीतिक बदलाव का यह दौर तब शुरू हुआ जब गुरुवार को पिछली सरकार का कार्यकाल आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया. राज्यपाल ने अधिसूचना जारी कर 17वीं पश्चिम बंगाल विधानसभा को 7 मई से भंग कर दिया है. हालांकि, दिलचस्प बात यह है कि निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अभी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (X, फेसबुक और इंस्टाग्राम) पर अपना पदनाम "पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री" ही बनाए रखा है.
ममता की हार और बीजेपी का उदय
इस बार के चुनाव परिणाम कई मायनों में ऐतिहासिक रहे हैं। भवानीपुर विधानसभा सीट पर हुए कड़े मुकाबले में बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को 15,105 मतों के अंतर से हरा दिया है. इसके अलावा टॉलीगंज में मंत्री अरूप विश्वास और जादवपुर जैसे पूर्व वामपंथी गढ़ों में भी बीजेपी ने जीत का परचम लहराया है। बीजेपी ने 2021 की अपनी सभी 77 सीटों को बरकरार रखते हुए कुल 130 नई सीटें अपनी झोली में जोड़ी हैं.
वोटर लिस्ट से नामों को हटाने पर चर्चा
चुनाव परिणामों के आंकड़ों में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। कई सीटों पर जीत का अंतर उन मतदाताओं की संख्या से कम है जिनके नाम मतदाता सूची से हटाए गए थे. उदाहरण के तौर पर, भवानीपुर में जहाँ जीत का अंतर 15,105 था, वहीं वहां की वोटर लिस्ट से 45,240 नाम हटाए गए थे। इसी तरह जादवपुर और अन्य निर्वाचन क्षेत्रों में भी ऐसे ही आंकड़े देखे गए हैं, जो राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बने हुए हैं. यह भी पढ़ें: Bengal CM Race: बंगाल में BJP का 'मिशन मुख्यमंत्री', अमित शाह के मानकों पर कौन उतरेगा खरा? दावेदारों की बढ़ी धड़कनें
अगला कदम: मुख्यमंत्री की घोषणा
आज होने वाली विधायक दल की बैठक के बाद बीजेपी आधिकारिक तौर पर अपने मुख्यमंत्री उम्मीदवार के नाम की घोषणा करेगी. इस बैठक में वरिष्ठ केंद्रीय नेताओं की मौजूदगी यह संकेत देती है कि पार्टी नेतृत्व बंगाल में एक स्थिर और प्रभावी शासन सुनिश्चित करने के लिए काफी गंभीर है. विधानसभा के भंग होने के साथ ही अब सभी की निगाहें राजभवन पर टिकी हैं, जहाँ जल्द ही नई सरकार की शपथ ग्रहण प्रक्रिया शुरू होगी.












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