NIA ने पूर्व एनकाउंटर स्पेशिलिस्ट और शिवसेना नेता प्रदीप शर्मा के मुंबई स्थित घर पर छापा मारा, हिरासत में लिया
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने यहां गुरुवार की सुबह एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, पूर्व एनकाउंटर स्पेशिलिस्ट प्रदीप शर्मा के अंधेरी स्थित घर पर छापा मारा और बाद में एसयूवी प्लॉटिंग और व्यवसायी मनसुख हिरन की हत्या के मामलों की चल रही जांच के तहत उन्हें हिरासत में ले लिया.
मुंबई, 17 जून : राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने यहां गुरुवार की सुबह एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, पूर्व एनकाउंटर स्पेशिलिस्ट प्रदीप शर्मा (Pradeep Sharma) के अंधेरी स्थित घर पर छापा मारा और बाद में एसयूवी प्लॉटिंग और व्यवसायी मनसुख हिरन की हत्या के मामलों की चल रही जांच के तहत उन्हें हिरासत में ले लिया. मुंबई पुलिस के साथ एनआईए की एक टीम ने उनके घर पर छापा मारा, तलाशी ली और बाद में शर्मा को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया. एनआईए ने यह कार्रवाई 25 फरवरी को उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के पास 20 जिलेटिन की छड़ें और धमकी भरे नोट के साथ एसयूवी के सनसनीखेज मामले के संबंध में की है.
इसके तुरंत बाद, पुलिस ने 5 मार्च को ठाणे क्रीक दलदल से एसयूवी मालिक का शव बरामद किया. दोनों मामलों में एक बड़ा राजनीतिक विवाद शुरू हो गया था. एक विवादास्पद पूर्व वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक और बाद में शिवसेना कार्यकर्ता शर्मा से पहले एनआईए ने पिछले अप्रैल में दो बार पूछताछ की थी. पिछले हफ्ते, एनआईए ने दो अन्य व्यक्तियों संतोष आत्माराम शेलार और आनंद पांडुरंग जाधव को गिरफ्तार किया था. दोनों को दो मामलों में उनकी भूमिका के लिए मलाड पूर्व के कुरार गांव में एक झोपड़पट्टी से गिरफ्तार किया गया था. पुलिस सूत्रों ने कहा कि उनसे हिरासत में पूछताछ के बाद शर्मा के बारे में और जानकारी सामने आई और आज की कार्रवाई का कारण बनी. इससे पहले, एनआईए ने सचिन वाजे, रियाजुद्दीन काजी, सुनील माने, पूर्व पुलिस अधिकारी विनायक शिंदे और एक क्रिकेट सट्टेबाज नरेश गोर सहित पांच अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था. यह भी पढ़ें : संभावित तीसरी लहर से पहले छत्तीसगढ़ ने कसी कमर, गांवों से लेकर शहरों तक बेहतर होंगे सरकारी अस्पताल
प्रदीप शर्मा, वजे के करीबी बताए जाते हैं, जिन्हें एसयूवी-हिरेन मामले में मुख्य आरोपियों में से एक के रूप में नामित किया गया है. दोनों कथित तौर पर मार्च की शुरूआत में मिले थे, जब हिरेन को खत्म करने की साजिश रची गई थी. 1983 बैच के राज्य कैडर के एक पूर्व कॉलेज प्रोफेसर से पुलिसकर्मी बने शर्मा को मुंबई में माफियाओं का सफाया करने के लिए एनकाउंटर स्पेशिलिस्ट का तमगा मिला था. हालांकि, अंडरवल्र्ड के साथ कथित संबंधों के लिए शर्मा को 2008 में पुलिस बल से बर्खास्त कर दिया गया था, लेकिन 10 साल बाद उनके खिलाफ आरोप साबित नहीं होने पर उन्हें बहाल कर दिया गया था. उन्होंने सितंबर फरार माफिया डॉन दाऊद इब्राहिम कास्कर के छोटे भाई इकबाल इब्राहिम कास्कर को 2017 में जबरन वसूली के आरोप में गिरफ्तार करके अपनी दूसरी पारी की शुरूआत की थी. साल 2019 में, उन्होंने शिवसेना में शामिल होने के लिए पुलिस बल छोड़ दिया और पालघर के नालासोपारा निर्वाचन क्षेत्र से विधानसभा चुनाव लड़े, लेकिन असफल रहे.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 17, 2021 02:45 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

