Mansukh Hiren Death Case: हिरेन की पत्नी का बयान दर्ज करने उनके आवास पहुंची NIA
व्यवसायी मनसुख हिरेन (Mansukh Hiren) की मौत की जांच के लिए मामला दर्ज करने वाली राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने उनकी पत्नी और अन्य लोगों के बयान दर्ज करने के लिए उनके आवास का दौरा किया.
मुंबई, 22 मार्च : व्यवसायी मनसुख हिरेन (Mansukh Hiren) की मौत की जांच के लिए मामला दर्ज करने वाली राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने उनकी पत्नी और अन्य लोगों के बयान दर्ज करने के लिए उनके आवास का दौरा किया. मामले की जांच से जुड़े एनआईए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "एजेंसी की एक टीम हिरेन की पत्नी का बयान दर्ज करने के लिए उसके आवास पर गई है." यह भी पढ़े: हिरेन मामला: महाराष्ट्र एटीएस ने पूर्व पुलिसकर्मी और एक सट्टेबाज को गिरफ्तार किया, वाजे को मुख्य आरोपी बताया
अधिकारी ने कहा कि एनआईए हिरेन के रिश्तेदारों के बयान भी दर्ज करेगी और मामले में और सबूत जुटाने की भी कोशिश करेगी. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हिरेन की मौत की जांच के लिए एनआईए को एक अधिसूचना जारी की थी, जिनका शव 5 मार्च को ठाणे क्रीक क्षेत्र में मिला था.
इससे पहले, महाराष्ट्र एटीएस हिरेन के मौत की जांच का जिम्मा संभाल रही थी. इससे जुड़े मामले में एटीएस अधिकारियों की एक टीम ने महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख से भी मुलाकात की और उन्हें मामले की जांच की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी दी.
रविवार को, एक बड़ी सफलता का दावा करते हुए, एटीएस ने एक बर्खास्त और दोषी पुलिसकर्मी विनायक बी. शिंदे, 51, और एक क्रिकेट बुकी नरेश आर गोर, 31, को हिरेन की मौत के मामले में गिरफ्तार किया.
20 जिलेटिन स्टिक के साथ हिरेन की एसयूवी 25 फरवरी को उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के पास लाई गई थी. एक अधिकारी ने कहा कि एटीएस की टीम गिरफ्तार जोड़ी को ठाणे क्रीक क्षेत्र में ले गई है, जहां हिरेन का शव मिला था.
नवंबर 2006 में रामनारायण गुप्ता उर्फ लखन भैया के वर्सोवा फर्जी मुठभेड़ मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद शिंदे को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था. माना जाता है कि वह जेल में बंद माफिया डॉन, राजेंद्र एस.निखालजे उर्फ छोटा राजन का करीबी सहयोगी था.
अधिकारियों ने कहा कि वर्तमान में छह से अधिक लोग हिरेन की रहस्यमय मौत में उनकी भूमिका के लिए एटीएस की जांच के दायरे में हैं.