क्या नवरात्रि में डांडिया नाइट के दौरान बढ़ जाती है कंडोम और कॉन्ट्रासेप्टिव की बिक्री? सोशल मीडिया पर फिर शुरू हुई बहस
प्रतीकात्मक (Photo: Pixabay)

आज 22 सितम्बर 2025 से नवरात्रि (Navratri) के त्यौहार की शुरुआत हो चुकी है. नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना की जाती है. यह मां दुर्गा के अव्हाहन का प्रतिक है. नवरात्रि में 9 दिन तक मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा की जाती है. हर दिन मां के स्वरूपों के अनुसार अलग रंग के कपड़े पहने जाते हैं. भारत भर में पूजा के तरीके अलग-अलग हैं, नौ दिवसीय उत्सव का प्रत्येक दिन आम तौर पर नवदुर्गा के एक रूप, देवी दुर्गा के नौ अवतारों की पूजा के लिए समर्पित होता है. इस त्योहार में गरबा और डांडिया रास भी होता है. भारत में डांडियानाईट के दौरान युवा रोमांस भी बहुत होता है. इसलिए गर्भनिरोधक और कंडोम की बिक्री में वृद्धि का स्पष्ट मामला अक्सर सुर्खियों में रहता है. यह भी पढ़ें: Rajasthan: कोटा में पुलिस की गाड़ी पर चढ़कर प्रेमी जोड़ों ने की अश्लील हरकत, वीडियो हुआ वायरल

भारत में जहां एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर सामाजिक रूप से अब भी वर्जित माना जाता है. लेकिन त्योहार ऐसे अवसर बन जाते हैं जहां युवाओं को मेलजोल और सामाजिक संपर्क का व्यापक अवसर मिलता है. इसलिए इस दौरान कॉन्डोम और कॉन्ट्रासेप्टिव की बिक्री बढ़ जाती है. नवरात्री की शुरूआत हो चुकी है और एक बार फिर कॉन्डोम और कॉन्ट्रासेप्टिव की बिक्री पर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ चुकी है. हाल ही में मैनकाइंड फार्मा के मैनेजिंग डायरेक्टर राजीव जुनेजा और कंटेंट क्रिएटर राज शमानी के बीच हुए एक पुराने पॉडकास्ट का वीडियो फिर से सोशल पर वायरल हो रहा है. इस वायरल हो रहे वीडियो में दोनों गुजरात में नवरात्रि के दौरान कंडोम की बिक्री में भारी उछाल को लेकर चर्चा करते हुए नजर आते हैं.

राज शमानी और राजीव जुनेजा ने कंडोम की बिक्री में बढ़ोतरी पर की बात

2016 की इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, नवरात्रि के दौरान, विशेष रूप से गरबा स्थलों के आस-पास की दवा दुकानों और केमिस्टों में कंडोम की बिक्री में औसतन 25% से 50% तक की वृद्धि दर्ज की गई थी. कंडोम बनानेवाली कंपनियां अक्सर ऐसे सामाजिक-आर्थिक रुझानों का विश्लेषण करती हैं और इन्हीं आंकड़ों के आधार पर अपनी मार्केटिंग रणनीतियां बनाती हैं. इस बार फिर से इस चर्चा ने जोर पकड़ ली है. जब मैनकाइंड फार्मा के प्रबंध निदेशक राजीव जुनेजा ने कंटेंट क्रिएटर राज शमनी के साथ एक पॉडकास्ट में इस ट्रेंड की पुष्टि की. उन्होंने त्योहारी माहौल और मानसून के रोमांटिक प्रभाव को युवाओं के बीच बढ़ते अंतरंग रिश्तों का कारण बताया.

दिलचस्प बात यह है कि नवरात्रि के दौरान स्थापित अधिकांश यौन संबंध पहले से मौजूद प्रेम-प्रसंगों का ही विस्तार होते हैं, जिन्हें आम दिनों में सामाजिक अवसर या स्वीकृति नहीं मिल पाती. ऐसे में इस उत्सव की ऊर्जा और सामाजिक मेलजोल के अवसर युवा वर्ग के लिए अभिव्यक्ति का माध्यम बन जाते हैं — यही कारण है कि इस अवधि में कई माता-पिता अपने किशोर और युवा बच्चों को लेकर सतर्क हो जाते हैं.

इस बढ़ी हुई मांग का असर सिर्फ कंडोम तक सीमित नहीं है. इंडिया टुडे की 2017 की एक रिपोर्ट के अनुसार, ThatsPersonal के आंकड़ों से पता चलता है कि नवरात्रि के दौरान गुजरात में ल्यूब्रिकेंट्स, प्लेज़र रिंग्स और अन्य यौन स्वास्थ्य उत्पादों की बिक्री में भी तेज़ी आई थी. सामाजिक मेलजोल में वृद्धि और भावनात्मक निकटता की स्थिति में गर्भनिरोधक गोलियों और यौन वेलनेस उत्पादों की मांग में उल्लेखनीय इज़ाफा देखा गया.