देश

Neiphiu Rio on Naga Political Issues: नागा राजनीतिक मुद्दा सरकार के एजेंडे में सबसे ऊपर, नागालैंड को 'उत्कृष्टता के राज्य' की ओर ले जाना है

उन्होंने कहा कि अद्वितीय इतिहास, संस्कृति और पहचान से नगा मुद्दे को राजनीतिक रूप मिला, फ्रेमवर्क एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर, कोलकाता में 18 अक्टूबर, 2022 को दिए गए संयुक्त बयान और 14 जनवरी को कोहिमा में चुमौकेदिमा में बैठक में समझौते पर हस्ताक्षर कुछ ऐसे लैंडमार्क हैं, जो सफल रहे हैं.

Neiphiu Rio on Naga Political Issues: नागा राजनीतिक मुद्दा सरकार के एजेंडे में सबसे ऊपर, नागालैंड को 'उत्कृष्टता के राज्य' की ओर ले जाना है
Neiphiu Rio (Photo Credit: Twitter)

कोहिमा, 28 मार्च: नागालैंड (Nagaland) के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो (Neiphiu Rio) ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार नागा राजनीतिक मुद्दे को अपने एजेंडे में सबसे ऊपर रखना जारी रखेगी. मुख्यमंत्री, जिनके पास वित्त विभाग भी है, ने वर्ष 2023-2024 के लिए नवगठित विधानसभा में पहला बजट पेश किया. उन्होंने कहा कि अद्वितीय इतिहास, संस्कृति और पहचान से नगा मुद्दे को राजनीतिक रूप मिला, फ्रेमवर्क एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर, कोलकाता में 18 अक्टूबर, 2022 को दिए गए संयुक्त बयान और 14 जनवरी को कोहिमा में चुमौकेदिमा में बैठक में समझौते पर हस्ताक्षर कुछ ऐसे लैंडमार्क हैं, जो सफल रहे हैं. यह भी पढ़ें: All-Party Nagaland Govt: ठाकरे की बढ़ी टेंशन! नागालैंड में शरद पवार की NCP और BJP ने मिलकर बनाई सरकार, विपक्ष पूरी तरह साफ

रियो ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य नागालैंड को 'उत्कृष्टता के राज्य' की ओर ले जाना है और नागरिकों को अपने चुने हुए क्षेत्रों और करियर में उत्कृष्टता हासिल करने का प्रयास करना चाहिए और ऐसा करने के लिए 'ब्रांड नागालैंड' को बढ़ावा देना चाहिए और 'नागा सॉफ्ट पावर' को लोकप्रिय बनाना चाहिए. ईस्टर्न नगालैंड पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन की अलग राज्य की मांग के बारे में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पहले ही राज्य के पूर्वी क्षेत्र के लोगों के लिए एक स्वायत्त क्षेत्र के गठन के लिए केंद्र से सिफारिश कर चुकी है.

मुख्यमंत्री ने रिकॉर्ड में कहा कि नागालैंड के पूर्वी क्षेत्र के विकास संबंधी घाटे और आर्थिक चुनौतियों को गंभीरता से संबोधित करने की जरूरत है, राज्य सरकार नागा लोगों की एकता के लिए हर कीमत पर खड़ी होगी. रियो ने कहा कि कुछ नई योजनाएं और योजनाओं को वित्तवर्ष 2023-2024 में लागू किया जाएगा। इसमें स्वदेशी उत्पादों और उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए क्षमता निर्माण, खेल और खेल के क्षेत्र में छात्रवृत्ति और पुरस्कार, मांस और डेयरी उत्पादन के लिए क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण शामिल हैं.

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री सूक्ष्म वित्त योजना पर भी प्रकाश डाला, जो कृषि और संबद्ध क्षेत्रों और सूक्ष्म उद्यमों में लगे उद्यमियों को किफायती ऋण प्रदान करने का प्रयास करती है. मुख्यमंत्री ने वर्ष 2023-24 के लिए वार्षिक विकास परिव्यय 82,000 लाख रुपये निर्धारित करने की घोषणा की, जो चालू वित्तवर्ष की तुलना में 4,500 लाख रुपये या 5.49 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है.

उन्होंने बताया कि इसमें से 25,000 लाख रुपये की राशि केंद्र सरकार द्वारा धन जारी करने को सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय क्षेत्र की योजनाओं के कार्यक्रमों के लिए राज्य के समान शेयरों के लिए निर्धारित की गई है. कृषि और संबद्ध क्षेत्र को कुल 5,426 लाख रुपये का परिव्यय प्रदान किया गया है.

रियो ने उल्लेख किया कि वर्ष 2020-21 से 2025-26 तक 5 साल की अवधि में राजस्व घाटा अनुदान में 910 करोड़ रुपये की कमी की जाएगी. उन्होंने बिजली क्षेत्र को हुए भारी नुकसान पर भी दुख जताया. एक अधिकारी ने कहा, "चालू वित्तवर्ष 2022-23 के अंत तक बिजली खरीद पर खर्च की जाने वाली राशि 580.89 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि राजस्व मुश्किल से 280 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है." उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षो में बिजली क्षेत्र में कुल 1,079.74 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 28, 2023 09:43 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).