Vijay Rally Stampede: करूर का दौरा करेगा एनडीए का प्रतिनिधिमंडल, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने गठन किया
J P Nadda | PTI

नई दिल्ली, 29 सितंबर : तमिलनाडु के करूर में भगदड़ के कारण हुए दर्दनाक हादसे के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) नीत एनडीए गठबंधन का एक प्रतिनिधिमंडल घटनास्थल का दौरा करेगा. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) ने इस दौरे के लिए एनडीए प्रतिनिधिमंडल का गठन किया है. भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सोमवार को करूर भगदड़ में मारे गए लोगों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की. भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने जानकारी दी कि जेपी नड्डा ने करूर का दौरा करने, इस घटना के लिए जिम्मेदार परिस्थितियों की जांच करने और पीड़ित परिवारों से मिलने के लिए एनडीए प्रतिनिधिमंडल का गठन किया है.

अरुण सिंह ने बताया कि यह प्रतिनिधिमंडल घटनास्थल का दौरा करने के बाद वहां की स्थिति की रिपोर्ट देगा. एनडीए प्रतिनिधिमंडल में सांसद हेमा मालिनी, अनुराग ठाकुर, तेजस्वी सूर्या, बृजलाल, श्रीकांत शिंदे (शिवसेना सांसद), अपरजिता सारंगी, रेखा शर्मा और पुट्टा महेश कुमार (टीडीपी सांसद) शामिल हैं. इससे पहले, सोमवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतरमण ने घटनास्थल का दौरा किया और भगदड़ के बारे में स्थानीय नेताओं व अधिकारियों से जानकारी हासिल की. उन्होंने पीड़ित परिवारों से भी मुलाकात की और अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना. यह भी पढ़ें : Bilaspur: युवतियों ने किया जमकर हंगामा, विवाद में युवक को थप्पड़ मारने के बाद आंखों में फेंका मिर्ची पाउडर, छत्तीसगढ़ के बिलासपुर का VIDEO आया सामने

निर्मला सीतारमण ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशानुसार भगदड़ स्थल का दौरा किया और पीड़ितों के परिवारों से मुलाकात की. उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री यहां आना चाहते थे, लेकिन परिस्थितियां इसकी अनुमति नहीं दे सकीं. मैंने परिवारों को उनका संदेश पहुंचाया और कहा कि हमारे देश में ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए. गरीब पृष्ठभूमि के लोगों को अपने प्रियजनों को खोते देखना हृदय विदारक है. पीड़ित ज्यादातर दिहाड़ी मजदूर हैं, जिन्होंने अपनी आजीविका खो दी है. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री ने पीड़ितों के लिए मुआवजे की घोषणा की है, जो सीधे उनके खातों में भेजा जाएगा. कलेक्टर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि मुआवजा प्रक्रिया सुचारू रूप से चले.