इस वजह से मनाया जाता है डॉक्टर्स डे, जानें लाल गुलनार फूल से क्यों करते है विश
डॉक्टर महज एक पेशा नहीं बल्कि किसी की जिंदगी बचाने की ताकत रखनेवाला एक इंसान भी होता है. यह एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी होती है. जब भी आप बीमार पड़ते हैं तो आपको तुरंत डॉक्टर्स की याद आती है. आपकी हर बीमारी को चुटकी में ठीक करने के इस विश्वास की वजह से ही शायद डॉक्टर्स को भगवान का दर्जा भी दिया जाता है.
मुंबई: डॉक्टर महज एक पेशा नहीं बल्कि किसी की जिंदगी बचाने की ताकत रखनेवाला एक इंसान भी होता है. यह एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी होती है. जब भी आप बीमार पड़ते हैं तो आपको तुरंत डॉक्टर्स की याद आती है. आपकी हर बीमारी को चुटकी में ठीक करने के इस विश्वास की वजह से ही शायद डॉक्टर्स को भगवान का दर्जा भी दिया जाता है.
विश्व में लोग भगवान के बाद डॉक्टर पर ही आंख बंद करके सबसे ज्यादा विश्वास करते हैं. यह बात शायद बहुत कम लोगों को ही पता है कि डॉक्टर्स डे का आफिशियल सिंबल रेड कारनेशन यानी लाल गुलनार का फूल होता है. इसलिए हम अक्सर देखते है की लोग गुलनार के फूल से फुल से सजा कार्ड, मैसेज आदि विश करने के लिए भेजते है.
इसके अलाव आप शायद ही जानते होंगे कि डॉक्टर्स डे क्यों मनाया जाता है. दरअसल भारत के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. विधान चन्द्र रॉय को श्रद्धांजलि और सम्मान देने के लिए हर साल एक जुलाई को डॉक्टर्स डे मनाया जाता है. 1991 में भारतीय सरकार द्वारा डॉक्टर दिवस की स्थापना हुई थी. बिहार के पटना में जन्में डॉ. विधान चन्द्र रॉय को वर्ष 1961 में भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से भी नवाजा जा चूका है. डॉ. बिधन चंद्र रॉय पश्चिम बंगाल के दूसरे मुख्यमंत्री भी थे.
इस दिन देशभर में लोग एक दूसरे को ग्रीटिंग, संदेश और मैसेज भेजकर डॉक्टर्स का अभिवादन करते हैं. मेडिकल स्टूडेंट्स को बढ़ावा देने के लिए स्कूल औक कॉलेज में कई तरह के मेडिकल प्रोग्राम भी रखे जाते हैं. भारत की पहली भारतीय महिला डॉक्टर आनंदी गोपाल जोशी थी. उन्होंने अपनी पढ़ाई यूएस से पूरी की थी.
बता दें कि दुनियाभर में डॉक्टर्स डे अलग-अलग दिन मनाया जाता है. अमेरिका में 30 मार्च को मनाया जाता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 01, 2018 02:49 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

