Nagpur Violence: नागपुर हिंसा पर CM फडणवीस की नजर, पुलिस को सख्ती से निपटने का दिया निर्देश
संभाजीनगर में स्थित मुगल बादशाह औरंगजेब की कब्र को गिराए जाने को लेकर चल रहे विवाद के बीच महाराष्ट्र की दूसरी राजधानी नागपुर में दो समूहों के बीच हिंसक झड़प हो गई, जिसमें पथराव और आगजनी हुई.
नागपुर, 17 मार्च : संभाजीनगर में स्थित मुगल बादशाह औरंगजेब की कब्र को गिराए जाने को लेकर चल रहे विवाद के बीच महाराष्ट्र की दूसरी राजधानी नागपुर में दो समूहों के बीच हिंसक झड़प हो गई, जिसमें पथराव और आगजनी हुई. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस खुद पूरी घटना पर नजर बनाए हुए है. उन्होंने पुलिस कमिश्नर को तनाव की स्थिति पैदा करने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटने का निर्देश दिया है.
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वीडियो जारी करके कहा, "नागपुर के महल इलाके में जो तनावपूर्ण स्थिति पैदा हुई, वो बहुत ही निंदनीय है. कुछ लोगों ने पत्थरबाजी की है. पुलिस पर भी पत्थर फेंके हैं, जो बिल्कुल गलत है. मैं स्वयं पूरी घटनाओं पर नजर रखा हुआ है." सीएम फडणवीस ने पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया है कि कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए जो भी कड़े कदम उठाए जाने चाहिए, उसे उठाया जाए और शांति बनाएं. उन्होंने दंगा फैलाने वाले और पत्थरबाजी करने वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. यह भी पढ़ें : Nagpur Violence: औरंगजेब की कब्र को लेकर नागपुर में हिंसा, पथराव में 30 पुलिसकर्मी जख्मी, 65 दंगाइयों को हिरासत में लिया गया; Watch Video
सीएम फडणवीस ने लोगों से अपील की है कि नागपुर बहुत ही शांतिप्रिय लोगों की नगरी है. यहां की शांति भंग ना हो, ऐसा सभी को व्यवहार और बर्ताव करना चाहिए. अगर कोई तनाव पैदा करने की कोशिश करेगा तो उस पर बहुत कड़ी कार्रवाई की जाएगी. मुख्यमंत्री के अलावा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है.
पुलिस कमिश्नर रविंद्र सिंघल समेत बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स इलाके में मौजूद है. फिलहाल सुरक्षा व्यवस्था नियंत्रण में है. पथराव करने वाले 20 से 25 लोगों को हिरासत में लिया गया है. लोगों को घरों से बाहर नहीं निकलने की अपील की गई है. पुलिस सूत्रों ने बताया कि सोमवार दोपहर नागपुर में कुछ संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया था. वे जिला कलेक्टर कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, तभी दो समूहों के बीच मामूली विवाद हो गया. इसे कुछ ही देर में सुलझा लिया गया.
हालांकि, बाद में शाम 7 से 7.30 बजे के बीच एक बड़ा समूह शिवाजी चौक पहुंचा और नारेबाजी करने लगा. वे दोपहर में हुए विरोध प्रदर्शन से नाराज थे. जैसे ही नारेबाजी शुरू हुई, इलाके में मौजूद दूसरे समूह ने भी नारेबाजी शुरू कर दी. कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस मौके पर पहुंची.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 18, 2025 08:38 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

