मुंबई/नागपुर: महाराष्ट्र (Maharashtra) के नागपुर (Nagpur) में एक स्थानीय गैर-सरकारी संगठन (NGO) के अध्यक्ष और डायरेक्टर रियाज फजिल काजी (Riyaz Fazil Kazi0 के खिलाफ पुलिस ने जांच तेज कर दी है. 48 वर्षीय काजी पर यौन उत्पीड़न (Sexual Harassment), छेड़छाड़ और महिला कर्मचारियों को धार्मिक रूप से प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगे हैं. जांच को पुख्ता करने के लिए पुलिस ने एनजीओ परिसर से जुलाई 2025 से लेकर अब तक यानी लगभग एक साल का सीसीटीवी फुटेज (CCTV Video Clips) सुरक्षित कर लिया है. पुलिस इन फुटेज के जरिए आरोपी के व्यवहार के पैटर्न को समझने और पीड़ितों के बयानों की पुष्टि करने की कोशिश करेगी. यह भी पढ़ें: Amravati S*x Scandal: मुख्य आरोपी अयान अहमद का निकाला गया जुलूस, मोबाइल फोन और 'थार' समेत कई अहम सबूत बरामद (Watch Video)
'केबिन में बुलाकर बंद कर देता था कैमरे'
शिकायतकर्ता महिलाओं ने पुलिस को दिए बयानों में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. पीड़ितों का आरोप है कि काजी उन्हें अपने निजी केबिन में बुलाता था और अनुचित शारीरिक हरकतें करने से पहले जानबूझकर केबिन के सीसीटीवी कैमरे बंद कर देता था. 23 वर्षीय एचआर और प्रशासन प्रमुख सहित कम से कम चार महिला कर्मचारियों ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है. आरोपी को पिछले शनिवार को गिरफ्तार किया गया था और वह आज, 23 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में है.
धार्मिक जबरदस्ती और सोशल मीडिया पर उत्पीड़न
यौन शोषण के अलावा, उत्तरजीवियों (Survivors) ने यह भी आरोप लगाया है कि उन पर विशिष्ट धार्मिक प्रथाओं को अपनाने के लिए दबाव डाला जाता था.
- धार्मिक प्रताड़ना: आरोप है कि नौकरी से निकालने की धमकी देकर उन्हें नमाज पढ़ने और रोजा रखने के लिए मजबूर किया जाता था.
- साइबर स्टॉकिंग: आरोपी पर एक फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाने का भी आरोप है, जिसका इस्तेमाल वह महिला कर्मचारियों का पीछा करने और उन्हें बदनाम करने के लिए करता था. इसी तनावपूर्ण माहौल के कारण कई कर्मचारियों ने पिछले कुछ महीनों में इस्तीफा दे दिया था.
नागपुर एनजीओ प्रमुख रियाज फाजिल काजी पर आरोप
#WATCH | Nagpur, Maharashtra | On the NGO Universal Multipurpose Society's Director Riyaz Fazil Qazi arrested in an alleged molestation and religious conversion case, DCP Zone 2 Nityanand Jha says, "We have been told that on the complainant's birthday celebrations in 2024, the… https://t.co/VEq5MXEggK pic.twitter.com/cdQxUlWOAr
— ANI (@ANI) April 20, 2026
फॉरेंसिक जांच और एटीएस की एंट्री
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कार्यालय पर छापेमारी के दौरान जब्त किए गए लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है.
- कठिन काउंसलिंग: पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती पीड़ित महिलाओं की काउंसलिंग करना है, क्योंकि वे गहरे सदमे (Trauma) में हैं. आत्मविश्वास जगाने के लिए महिला अधिकारियों को तैनात किया गया है.
- फंडिंग की जांच: महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधी दस्ता (ATS) भी इस जांच में स्थानीय पुलिस की मदद कर रहा है. एटीएस विशेष रूप से एनजीओ के फंडिंग स्रोतों और इसकी 16 साल की गतिविधियों की गहन समीक्षा कर रही है. यह भी पढ़ें: TCS Nashik Case: रेप के आरोपी टीसीएस कर्मचारी को यौन उत्पीड़न के दूसरे मामले में भी राहत नहीं, कोर्ट ने खारिज की अंतरिम जमानत
एनजीओ का इतिहास और वर्तमान ऑडिट
यह एनजीओ पिछले 16 वर्षों से नागपुर में वंचित बच्चों को शिक्षा देने के नाम पर काम कर रहा था. अब इस संस्थान का व्यापक ऑडिट किया जा रहा है. पुलिस उन पूर्व कर्मचारियों से भी संपर्क कर रही है जिन्होंने हाल के वर्षों में संगठन छोड़ दिया था, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस तरह के कदाचार का दायरा और भी बड़ा है.












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