CBSE Class 12 Result Re-Evaluation 2026: सीबीएसई 12वीं रिजल्ट पुनर्मूल्यांकन के लिए री-इवैल्यूएशन विंडो आज से शुरू, cbse.gov.in और cbseit.in पर ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन
CBSE

CBSE Class 12 Result Re-Evaluation 2026:  केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 12वीं के उन छात्रों को बड़ी राहत दी है जो अपने बोर्ड परीक्षा परिणामों से असंतुष्ट हैं. बोर्ड ने उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन (Re-Evaluation), अंकों के सत्यापन (Verification) और स्कैन की गई कॉपियों को प्राप्त करने की फीस में ऐतिहासिक कटौती की घोषणा की है. इस राहत के साथ ही आवेदन के लिए ऑनलाइन पोर्टल आज, 19 मई 2026 से आधिकारिक वेबसाइटों cbse.gov.in और cbseit.in पर खोल दिया गया है. यह फैसला इस साल उम्मीद से कम अंक आने और पास प्रतिशत में आई गिरावट को लेकर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों द्वारा जताई गई चिंताओं के बाद लिया गया है.

फीस ढांचे में बड़ा बदलाव और राहत

इस साल बोर्ड परीक्षाओं में पहली बार बड़े पैमाने पर लागू की गई डिजिटल 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग' (OSM) प्रणाली के बाद अंकों को लेकर काफी विवाद देखा गया था. परिवारों पर वित्तीय बोझ को कम करने के लिए सीबीएसई ने शुल्कों को संशोधित किया है, जो इस प्रकार है:  यह भी पढ़े:  CBSE 12वीं का रिजल्ट जारी, 85.20 फीसदी छात्र हुए पास; cbse.gov.in पर ऐसे करें नतीजे चेक

  • स्कैन की गई कॉपियां: किसी विषय की मूल्यांकित उत्तर पुस्तिका की डिजिटल फोटोकॉपी प्राप्त करने की फीस 700 रुपये से घटाकर अब मात्र 100 रुपये प्रति विषय कर दी गई है.

  • अंकों का सत्यापन: उत्तर पुस्तिका के कुल अंकों की दोबारा जांच और सत्यापन का प्रसंस्करण शुल्क (Processing Charge) 500 रुपये से घटाकर 100 रुपये कर दिया गया है.

  • प्रश्नों की दोबारा जांच: किसी विशिष्ट प्रश्न के पुनर्मूल्यांकन के लिए अब छात्रों को प्रति प्रश्न केवल 25 रुपये की फीस देनी होगी.

पुनर्मूल्यांकन के लिए चरण-दर-चरण प्रक्रिया

सीबीएसई की यह पोस्ट-रिजल्ट मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी तरह से क्रमिक (Sequential) है. इसका मतलब है कि छात्रों को सीधे पुनर्मूल्यांकन का विकल्प चुनने से पहले शुरुआती चरणों को पूरा करना होगा. इसकी चरण-दर-चरण प्रक्रिया नीचे दी गई है:

  • चरण 1: सबसे पहले छात्र को संबंधित विषय की उत्तर पुस्तिका की स्कैन की गई कॉपी (Scanned Copy) के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा.

  • चरण 2: कॉपी प्राप्त होने के बाद, छात्र को सीबीएसई की आधिकारिक मार्किंग स्कीम (मूल्यांकन नीति) के साथ अपनी उत्तर पुस्तिका की सावधानीपूर्वक जांच करनी होगी.

  • चरण 3: यदि किसी प्रश्न के मूल्यांकन में कोई विसंगति या त्रुटि नजर आती है, तो छात्र को बोर्ड के पोर्टल पर अपनी आपत्तियां दर्ज करानी होंगी.

  • चरण 4: इसके बाद, विषय विशेषज्ञों की एक समिति इन अनुरोधों की समीक्षा करेगी और अंतिम निर्णय सीधे छात्र को सूचित किया जाएगा.

महत्वपूर्ण तारीखें और समय-सीमा

बोर्ड ने ऑनलाइन आवेदनों के प्रबंधन के लिए एक स्पष्ट प्रशासनिक समय-सारणी (Timeline) जारी की है. अंकों के सत्यापन और स्कैन कॉपियों के लिए अनुरोध करने की प्रक्रिया आज, 19 मई से शुरू हो चुकी है. इसके बाद का अगला आवेदन चरण 22 मई से सक्रिय होगा. छात्रों को उनकी पुन जांची गई उत्तर पुस्तिकाओं और सत्यापन पोर्टलों तक पहुंच 26 मई से 29 मई 2026 के बीच प्रदान की जाएगी.

'ऑन-स्क्रीन मार्किंग' और पृष्ठभूमि

नीतिगत बदलावों का यह फैसला कक्षा 12वीं के परिणाम जारी होने के बाद मिले व्यापक फीडबैक के आधार पर आया है. कई आलोचकों और शिक्षाविदों का मानना है कि इस साल डिजिटल ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्लेटफॉर्म को अचानक अपनाने के कारण तकनीकी त्रुटियां या कड़े डिजिटल मूल्यांकन उपकरण अंतिम अंकों में विसंगति की वजह बने हो सकते हैं.

यद्यपि बोर्ड ने इस डिजिटल ढांचे का बचाव करते हुए इसे दीर्घकालिक निष्पक्षता और मानवीय गलतियों को दूर करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है, फिर भी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए शुल्कों को सुलभ बनाया गया है. बोर्ड अधिकारियों ने आवेदकों को याद दिलाया है कि विशेषज्ञ समिति का निर्णय ही अंतिम होगा और समीक्षा के बाद अंतिम अंक बढ़ भी सकते हैं और घट भी सकते हैं.