Mumbai Metro Line-3 Update: मुंबईवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी! शहर की पहली पूरी तरह भूमिगत मेट्रो लाइन-3 (एक्वा लाइन) का आखिरी चरण वर्ली (Worli) से कफ परेड (Cuffe Parade) तक जल्द ही जनता के लिए खुलने वाला है. कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) ने 12 सितंबर 2025 को इस 11 किलोमीटर लंबे सेक्शन का प्रारंभिक निरीक्षण पूरा कर लिया है. अधिकारीयों के अनुसार, निरीक्षण रिपोर्ट अगले हफ्ते फाइनल हो जाएगी, उसके बाद अंतिम वेरिफिकेशन होगा। मंजूरी मिलते ही यह हिस्सा चालू हो जाएगा, और पूरे 33.5 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर (आरे से कफ परेड तक) पर मेट्रो सर्विस शुरू हो जाएगी. अगर सब कुछ प्लान के मुताबिक रहा, तो यह दशहरा (2 अक्टूबर 2025) से पहले ही संभव हो सकता है.
वर्तमान स्थिति
मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MMRCL) के मैनेजिंग डायरेक्टर अश्विनी भिड़े ने बताया कि फायर सेफ्टी क्लियरेंस के बाद सीएमआरएस का इंस्पेक्शन अंतिम स्टेप है. वर्तमान में, मेट्रो लाइन-3 का 22.46 किलोमीटर हिस्सा (आरे जेवीएलआर से अचार्य अत्रे चौक, वर्ली तक) अक्टूबर 2024 से चालू है.इसमें पहले चरण (आरे से बीकेसी) अक्टूबर 2024 में और दूसरे चरण (बीकेसी से वर्ली) मई 2025 में शुरू हुआ था. अब तीसरा और आखिरी चरण (वर्ली से कफ परेड) ट्रायल रन के बाद सेफ्टी चेक में है. यह भी पढ़े: Mumbai Metro Line-9 Update: दहिसर से मीरा रोड तक जल्द दौड़ेगी मेट्रो, 10 मई तक पूरा होगा पावर लाइन का काम
वर्ली से कफ परेड के बीच कुल 11 स्टेशन
इस अंतिम 11 किलोमीटर के सेक्शन में कुल 11 स्टेशन हैं, जो दक्षिण मुंबई के प्रमुख इलाकों को जोड़ेंगे. जिन स्टेशनों से वे बड़े ही आरामदाय यात्रा कर सकेंगे. इस दौरान उन्हें जहां आरामदायक यात्रा की सुविधा मिलेगी. वहीं उनका कीमती समय भी बाचेगा.
ये स्टेशन हैं
- साइंस म्यूजियम
- महालक्ष्मी
- जगन्नाथ शंकर शेठ (मुंबई सेंट्रल)
- ग्रांट रोड
- गिरगांव
- कालबादेवी
- सीएसएमटी
- हुतात्मा चौक
- चर्चगेट
- विधान भवन
- कफ परेड
JVLR से कफ परेड तक यात्रा मात्र 58 मिनट में
पूरी लाइन चालू होने के बाद, आरे जेवीएलआर से कफ परेड तक की एंड-टू-एंड यात्रा मात्र 58 मिनट में पूरी हो जाएगी. वर्तमान में यह सफर पीक ट्रैफिक में 120-180 मिनट लेता है, जिसमें लोकल ट्रेन, बस या टैक्सी बदलनी पड़ती है. अब एक ही मेट्रो में बैठकर आराम से पहुंच सकेंगे!
मेट्रो लाइन-3 की खासियतें
- पूरी तरह भूमिगत: मुंबई की पहली 100% अंडरग्राउंड मेट्रो, कुल 33.5 किलोमीटर लंबी.
- कुल स्टेशन: 27 स्टेशन (सभी अंडरग्राउंड)
- कनेक्टिविटी: बीकेसी, वर्ली, दादर, सिद्धिविनायक, एयरपोर्ट, सीएसएमटी, चर्चगेट और कोलाबा जैसे प्रमुख बिजनेस और रिहायशी इलाकों को जोड़ेगी। इससे साउथ मुंबई से सबअर्बन तक का सफर आसान हो जाएगा.
- यात्री क्षमता: शुरूआती चरणों में ही 1 करोड़ से ज्यादा राइडर्स हो चुके हैं. पूरी लाइन पर रोजाना 4.5 लाख यात्री सफर करेंगे.
- लागत: इस चरण की लागत करीब 9,785 करोड़ रुपये.
मुंबई में ट्रैफिक जाम में मिलेगी राहत
पूरी सेवा शुरू होने से यह मेट्रो न सिर्फ समय बचाएगी, बल्कि सड़क और लोकल ट्रेनों पर भीड़ कम करेगी. कोलाबा, वर्ली या बीकेसी जाने वालों को अब सीएसएमटी या चर्चगेट पर उतरकर बस/टैक्सी की जरूरत नहीं पड़ेगी. पर्यावरण के लिहाज से भी बेहतर, क्योंकि कम वाहन सड़कों पर होंगे. एमएमआरसीएल का कहना है कि यह प्रोजेक्ट मुंबई को विश्वस्तरीय शहर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है.













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