Mumbai Mayor Election 2026: BMC पर 44 साल बाद आज से होगा BJP का कब्जा, मुंबई मेयर चुनाव में रितु तावड़े बनेंगी नई महापौर, संजय घाडी होंगे उपमहापौर
मुंबई महानगरपालिका (BMC) में आज मेयर और डिप्टी मेयर पद के लिए चुनाव होने जा रहे हैं. भाजपा कीरितु तावड़े का निर्विरोध चुना जाना तय माना जा रहा है, जिससे बीएमसी में दशकों पुराना राजनीतिक समीकरण बदलने वाला है.
Mumbai Mayor Election 2026: देश की सबसे अमीर महानगरपालिका, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) को आज करीब चार साल के लंबे अंतराल के बाद नया मेयर और डिप्टी मेयर मिलने जा रहा है. आज यानी 11 फरवरी 2026 को होने वाले इस चुनाव में भाजपा की रितु तावड़े (Ritu Tawade) का निर्विरोध मेयर चुना जाना लगभग तय है. इस चुनाव के साथ ही मुंबई की सत्ता पर पिछले 25 वर्षों से चले आ रहे शिव सेना (यूबीटी) के वर्चस्व का औपचारिक रूप से अंत हो जाएगा.
रितु तावड़े का निर्विरोध चुना जाना तय
मेयर पद के लिए सत्ताधारी महायुति गठबंधन की ओर से भाजपा की रितु तावड़े ने नामांकन दाखिल किया है. विपक्षी दल शिव सेना (यूबीटी) और महा विकास अघाड़ी ने संख्या बल को देखते हुए अपना उम्मीदवार मैदान में नहीं उतारने का फैसला किया है. इसके चलते रितु तावड़े का मेयर बनना अब महज एक औपचारिकता रह गई है. वह पिछले 44 वर्षों में मुंबई की मेयर बनने वाली भाजपा की पहली पार्षद होंगी. यह भी पढ़े: BMC Election 2026: मुंबई के मेयर का चुनाव कैसे होता है? नामांकन से लेकर वोटिंग और कार्यकाल तक, जानें चयन की पूरी प्रक्रिया
डिप्टी मेयर पद पर संजय घाडी की दावेदारी
गठबंधन के समझौते के तहत डिप्टी मेयर का पद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिव सेना के पास गया है. इस पद के लिए संजय घाडी ने नामांकन भरा है. शिव सेना (शिंदे गुट) ने संकेत दिया है कि डिप्टी मेयर के कार्यकाल को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटा जा सकता है ताकि पार्टी के अन्य वरिष्ठ पार्षदों को भी मौका मिल सके. संजय घाडी दहिसर से पार्षद हैं और उन्होंने हाल ही में नागरिक प्रशासन को और अधिक शक्तिशाली बनाने की वकालत की है.
4 साल बाद खत्म होगा प्रशासक राज
मुंबई महानगरपालिका में पार्षदों का कार्यकाल मार्च 2022 में समाप्त हो गया था. कोरोना और वार्ड परिसीमन के विवादों के कारण चुनाव समय पर नहीं हो सके थे, जिसके कारण पिछले चार सालों से बीएमसी का कामकाज प्रशासक भूषण गगरानी की देखरेख में चल रहा था. जनवरी 2026 में हुए चुनावों के बाद अब पहली बार निर्वाचित प्रतिनिधि सदन की कार्यवाही संभालेंगे.
महायुति के पास स्पष्ट बहुमत
बीएमसी के 227 वार्डों के लिए हुए चुनावों में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. आंकड़ों के अनुसार:
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भाजपा: 89 सीटें
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शिव सेना (शिंदे गुट): 29 सीटें
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महायुति कुल: 118 सीटें (बहुमत का आंकड़ा 114 है)
विपक्ष में शिव सेना (यूबीटी) 65 सीटों के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है, जबकि कांग्रेस को 24 सीटें मिली हैं. बहुमत का आंकड़ा पार करने के बाद महायुति के लिए मेयर और डिप्टी मेयर पद की राह आसान हो गई है.
प्राथमिकताएं और आगामी चुनौतियां
नई मेयर के रूप में ऋतु तावड़े के सामने मुंबई की बुनियादी सुविधाओं, सड़कों के गड्ढों और जलभराव जैसी समस्याओं का समाधान करने की बड़ी चुनौती होगी. उन्होंने नामांकन के बाद कहा था कि उनकी प्राथमिकता मुंबई को अधिक सुरक्षित और विकसित बनाना है. आज दोपहर 12 बजे बीएमसी मुख्यालय में चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद आधिकारिक घोषणा की जाएगी.