Mumbai Elevated Road: मुंबई में एक बार फिर पेड़ों की कटाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) द्वारा प्रस्तावित ₹2,682 करोड़ की घाटकोपर से ठाणे तक 13 किलोमीटर लंबी तीन लेन की एलिवेटेड सड़क परियोजना के लिए बीएमसी ने पूर्वी एक्सप्रेस हाईवे (EEH) के किनारे लगे करीब 706 पेड़ों को हटाने का प्रस्ताव रखा है. इनमें से कई पेड़ दुर्लभ प्रजाति के रोज़ी ट्रम्पेट (Tabebuia Rosea) हैं, जो सर्दियों में गुलाबी फूलों से खिल उठते हैं और जापान के चेरी ब्लॉसम जैसा नज़ारा पेश करते हैं.
315 पेड़ों को पूरी तरह काटा जाना है
बीएमसी ने एन, टी और एस वार्ड में आने वाले पेड़ों पर नोटिस चस्पा किए हैं और नागरिकों से सुझाव एवं आपत्तियां आमंत्रित की हैं.इनमें से करीब 315 पेड़ों को पूरी तरह काटा जाना है, जबकि बाकी का प्रत्यारोपण किया जाएगा. यह भी पढ़े: Mumbai: मुंबई को रफ़्तार देने के लिए MMRDA की बड़ी घोषणा, स्मार्ट ट्रांसपोर्ट और मेट्रो विस्तार के लिए ₹12,000 करोड़ से अधिक के 19 प्रोजेक्ट्स को दी मंजूरी
प्रस्ताव के विरोध में मुंबईकर
मुंबईकर इस प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं और सोशल मीडिया, ऑनलाइन याचिकाओं और पत्रों के ज़रिए प्रशासन को चेतावनी दे रहे हैं. नाहीद कॉन्ट्रैक्टर द्वारा शुरू की गई एक ऑनलाइन याचिका मंगलवार शाम तक 2,200 से अधिक हस्ताक्षर प्राप्त कर चुकी थी
पर्यावरण कार्यकर्ताओं का आरोप
पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने बीएमसी पर वृक्षों के पुनःरोपण और पूर्व-रोपण के प्रति गंभीर प्रयास न करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है, "मुंबई में ज़मीन की भारी कमी है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर विकास परियोजना की कीमत हरियाली चुकाए.
मिशन ग्रीन मुंबई के संस्थापक शुभजीत मुखर्जी ने कहा
मिशन ग्रीन मुंबई के संस्थापक शुभजीत मुखर्जी ने कहा कि मंगलवार को मॉर्निंग वॉकर्स ने पेड़ों को गले लगाकर प्रतीकात्मक 'चिपको आंदोलन' आयोजित किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बीएमसी ने पेड़ काटने की योजना पर आगे बढ़ने की कोशिश की, तो लोग सड़कों पर उतरकर जोरदार विरोध करेंगे.













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