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CycloneNisarga: मुंबई पहुंचने से पहले कमजोर पड़ा निसर्ग, धीमी हुई हवा की रफ्तार

मुंबई:- 72 घंटों के इंतजार के बाद महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के श्रीवर्धन-दिवे आगार में चक्रवात निसर्ग ने (CycloneNisarga) एक प्रचंड दस्तक दी, जिसके साथ ही महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में अफरातफरी मच गई. इसका असर महाराष्ट्र के कई इलाकों में देखा गया. पालघर के अलीबाग इलाके में चक्रवात के बाद कई बड़े पेड़ जड़ समेत उखड़ गए. जन जीवन अस्त व्यस्त. पेड़ों की कटाई और सड़कों की सफाई का काम जारी. वहीं पुणे के कई इलाकों में पेड़ सड़कों पर गिर पड़े हैं. तो रायगढ़ में इसका ज्यादा देखा गया. जहां मकान के पत्रे ताश के पत्तों की भांति उड़ गए. वहीं मुंबई में भी इसका असर देखा गया. मुंबई के फोर्ट और काला चौकी समेत कई जगहों पर पेड़ गिरे हैं. वैसे मुंबई में तूफान निसर्ग का असर ज्यादा देखा नहीं गया. लेकिन अब मुंबई में भारी बारिश की आशंका जताई जा रही है.

CycloneNisarga: मुंबई पहुंचने से पहले कमजोर पड़ा निसर्ग, धीमी हुई हवा की रफ्तार
निसर्ग (Photo Credits-ANI Twitter)

मुंबई:- 72 घंटों के इंतजार के बाद महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के श्रीवर्धन-दिवे आगार में चक्रवात निसर्ग ने (CycloneNisarga) एक प्रचंड दस्तक दी, जिसके साथ ही महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में अफरातफरी मच गई. इसका असर महाराष्ट्र के कई इलाकों में देखा गया. पालघर के अलीबाग इलाके में चक्रवात के बाद कई बड़े पेड़ जड़ समेत उखड़ गए. जन जीवन अस्त व्यस्त. पेड़ों की कटाई और सड़कों की सफाई का काम जारी. वहीं पुणे के कई इलाकों में पेड़ सड़कों पर गिर पड़े हैं. तो रायगढ़ में इसका ज्यादा देखा गया. जहां मकान के पत्रे ताश के पत्तों की भांति उड़ गए. वहीं मुंबई में भी इसका असर देखा गया. मुंबई के फोर्ट और काला चौकी समेत कई जगहों पर पेड़ गिरे हैं. वैसे मुंबई में तूफान निसर्ग का असर ज्यादा देखा नहीं गया. लेकिन अब मुंबई में भारी बारिश की आशंका जताई जा रही है.

तूफान के मद्देनजर दोपहर से मुंबई एयरपोर्ट पर फ्लाइट मूवमेंट शाम 7 बजे तक बंद रखा गया था. वहीं मुंबई से IMD वैज्ञानिक शुभांगी भूटे ने निसर्ग के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि ये गंभीर चक्रवात रायगढ़ के अलीबाग के साउथ में 12:30-2:30 बजे तक लैंडफॉल हो चुका है. मुंबई और थाणे में हम इसका पोस्ट लैंडफॉल इफेक्ट देख रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगले 6 घंटों में ये चक्रवाती तूफान बन जाएगा.

तूफान मुंबई से 75 किमी दक्षिण-पूर्व और पुणे के 65 किमी पश्चिम की दूरी पर है। यह कमजोर होने लगा है. हवा की रफ्तार अभी 90 से 100 किमी प्रति घंटा है तथा इसकी तीव्रता और कम हो जाएगी. उसके बाद इसका प्रभाव मध्य महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में रहेगा. जब तक ये स्थिति पूरी तरह खत्म नहीं हो जाती तब तक मानसून आने में समय लगेगा. यह भी पढ़ें:- Cyclone Nisarga: रायगढ़ में दिखा चक्रवात निसर्ग का तांडव, तेज हवा से बिल्डिंग के छत की टीन उड़ी.

ANI का ट्वीट:- 

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तूफान से निपटने के लिए राज्य की सरकार ने पूरी तैयारी कर ली थी. NDRF की कुल 20 टीमें तैनात की गईं. इसमें मुंबई में 8 टीमें, रायगढ़ में 5 टीमें, पालघर में 2 टीमें, थाने में 2 टीमें, रत्नागिरी में 2 टीमें और सिंधूदुर्ग में 1 टीम की तैनाती है. तेज उठती लहरों और तूफान के बीच रत्नागिरि में मिर्या बीच पर एक मध्यम आकार का समुद्री जहाज फंस गया. हालांकि गनीमत रही कि यहां किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 03, 2020 06:37 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).