Mumbai BEST Fare Hike: मुंबई में बेस्ट बस से  सफर करना होगा महंगा, बीएमसी ने  बसों के किराये में की डबल बढ़ोतरी, जानें अब कितने देने होंगे पैसे?
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Mumbai BEST Fare Hike:  मुंबई में बेस्ट की बसें, लोकल ट्रेन के बाद दूसरी लाइफलाइन मानी जाती हैं, जिनसे हर दिन करीब 31 लाख यात्री सफर करते हैं। लेकिन अब इन यात्रियों को बेस्ट से सफर करने पर दोगुना किराया देना पड़ेगा, क्योंकि बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (BEST) उपक्रम की बस सेवाओं के किराए में भारी बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है. इस मंजूरी के बाद बेस्ट बसों का न्यूनतम किराया दोगुना हो जाएगा. बेस्ट की ओर से इस बढ़ोतरी को जल्द लागू करने की तैयारी की जा रही है. आइए जानते हैं, नया किराया क्या होने जा रहा है.

घाटे में चलने की वजह से बढ़ाया गया किराया

बेस्ट अधिकारियों के अनुसार, वित्तीय संकट के चलते यह बढ़ोतरी अनिवार्य हो गई थी. हालांकि मुंबई महानगर क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (MMRTA) से अंतिम मंजूरी अभी बाकी है, लेकिन BMC और बेस्ट प्रशासन इस बढ़ोतरी को जल्द लागू करने की तैयारी में हैं. जैसे ही MMRTA से हरी झंडी मिलेगी, यात्रियों को डबल किराया चुकाना पड़ेगा. यह भी पढ़े: VIDEO: कुर्ला के बाद मुंबई के भायखला में बड़ा हादसा टला, यात्रियों को लेकर जा रही BEST बस में लगी आग, सभी सुरक्षित

कितना बढ़ेगा किराया?

 

  • बिना एसी बसों का न्यूनतम किराया ₹5 से बढ़ाकर ₹10 किया गया है.
  • वहीं, एसी बसों का न्यूनतम किराया ₹6 से बढ़ाकर ₹12 किया जाएगा.

पिछले एक दशक में BMC ने BEST को ₹11,000 करोड़ से अधिक की सब्सिडी दी है, लेकिन बावजूद इसके बेस्ट लगातार घाटे में चल रही है। अब BMC ने बजट सीमाओं का हवाला देते हुए आर्थिक मदद से इनकार कर दिया है और किराया बढ़ाना ही एकमात्र उपाय बताया है

मुख्यमंत्री की बैठक में हुआ फैसला

BEST की आर्थिक समस्याओं का हल निकालने के लिए कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में सह्याद्री गेस्ट हाउस में बैठक हुई थी। मुख्यमंत्री ने बेस्ट को अपने राजस्व बढ़ाने के लिए नए उपाय खोजने का निर्देश दिया था। इसके बाद बेस्ट प्रशासन ने किराया बढ़ाने का प्रस्ताव आगे बढ़ाया.

यात्रियों में नाराजगी

अधिकारियों का कहना है कि यह कदम बस नेटवर्क को आधुनिक और स्थिर बनाए रखने के लिए जरूरी है. लेकिन यात्रियों में इस निर्णय को लेकर गहरी नाराजगी है.कई लोगों का कहना है कि बढ़े हुए किराए से निम्न और मध्यम वर्गीय यात्रियों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा. इससे वे या तो भीड़ भरी ट्रेनों का रुख करेंगे या निजी वाहनों का इस्तेमाल करेंगे, जिससे ट्रैफिक और प्रदूषण जैसी समस्याएं और बढ़ेंगी.