Mumbai Auto, Taxi Fare: मुंबईकर ध्यान दें, ऑटो और टैक्सी का सफर हुआ महंगा, जानें कितना बढ़ा किराया

मुंबई और आसपास के महानगरीय क्षेत्रों में सफर करने वालों के लिए एक अहम खबर है. मुंबई मेट्रोपॉलिटन रोड ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (MMRTA) ने ऑटो रिक्शा और टैक्सियों के किराए में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है.

Mumbai Auto, Taxi Fares To Rise | Pixabay

Mumbai Auto, Taxi Fare: मुंबई और आसपास के महानगरीय क्षेत्रों में सफर करने वालों के लिए एक अहम खबर है. मुंबई मेट्रोपॉलिटन रोड ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (MMRTA) ने ऑटो रिक्शा और टैक्सियों के किराए में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है. यह बढ़ोतरी 1 फरवरी से लागू होगी. इस फैसले से यात्रियों को अपनी जेब और ढीली करनी होगी, क्योंकि ऑटो और टैक्सियों के बेसिक किराए में 3 रुपये की बढ़ोतरी की गई है.

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मुंबई महानगर क्षेत्र परिवहन प्राधिकरण (MMRTA) की एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि ऑटोरिक्शा के लिए नया मूल किराया 23 रुपये के बजाय 26 रुपये होगा, जबकि काली-पीली टैक्सियों के लिए इसे मौजूदा 28 रुपये से बढ़ाकर 31 रुपये कर दिया गया है.

नई किराया दरें

MMRTA के अनुसार, ऑटो रिक्शा और टैक्सी के नए बेसिक किराए इस प्रकार हैं:

शेयर ऑटो और टैक्सी का किराया

शेयर ऑटो और टैक्सी सेवाओं का न्यूनतम किराया भी 1 रुपये बढ़ा दिया गया है. शेयर ऑटो का न्यूनतम किराया 8 रुपये से बढ़ाकर 9 रुपये प्रति यात्री कर दिया गया है. शेयर टैक्सी का किराया भी इसी हिसाब से बढ़ाया जाएगा.

किराए में बढ़ोतरी कहां-कहां लागू होगी?

यह नई दरें मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई, कल्याण, वसई-विरार और पनवेल जैसे क्षेत्रों में लागू होंगी. किराए की यह बढ़ोतरी तभी लागू होगी, जब वाहनों के मीटर को नई दरों के अनुसार कैलिब्रेट कर दिया जाएगा.

मुंबई मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में करीब 2.3 लाख ऑटो रिक्शा और 20,000 काली-पीली टैक्सियां प्रतिदिन 10 लाख से ज्यादा यात्रियों को सेवाएं देती हैं.

बस के किराए में भी बढ़ोतरी

ऑटो और टैक्सी के साथ-साथ राज्य परिवहन बसों का किराया भी बढ़ा दिया गया है. महाराष्ट्र राज्य परिवहन प्राधिकरण (STA) ने महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) की बसों के किराए में 14.95 फीसदी की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है.

किराए में बढ़ोतरी का मुख्य कारण ईंधन की बढ़ती कीमतें, रखरखाव का खर्च, और अन्य ऑपरेशनल लागतें हैं. ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी का कहना है कि यह बढ़ोतरी वाहन मालिकों और यात्रियों के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए जरूरी थी.

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