Moderna को भारत में चौथी वैक्सीन के तौर पर मिली मंजूरी, अगली पंक्ति में फाइजर का नाम
केंद्र ने मंगलवार को मॉडर्ना कोविड -19 वैक्सीन को भारतीय बाजार में उतारने को लेकर अपनी मंजूरी दे दी है और इसके साथ ही अब फाइजर वैक्सीन अगली पंक्ति में है. कोरोना को हराने के लिए देश को मॉडर्ना के तौर पर अब चौथी वैक्सीन मिलने जा रही है.
नई दिल्ली: केंद्र ने मंगलवार को मॉडर्ना कोविड -19 वैक्सीन (Moderna COVID-19 Vaccine) को भारतीय बाजार में उतारने को लेकर अपनी मंजूरी दे दी है और इसके साथ ही अब फाइजर वैक्सीन अगली पंक्ति में है. कोरोना को हराने के लिए देश को मॉडर्ना के तौर पर अब चौथी वैक्सीन मिलने जा रही है. इससे पहले सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड, भारत बायोटेक की कोवैक्सीन और रूस की स्पूतनिक वी को भारत में लोगों को दिए जाने के लिए मंजूरी मिल चुकी है। वहीं अब मंगलवार को मॉडर्ना के टीके को भी मंजूरी दे दी गई. यही नहीं जल्दी ही भारत को फाइजर का टीका भी मिल सकता है.
नीति आयोग के सदस्य वी. के. पॉल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह घोषणा करते हुए कहा कि मॉडर्ना को नई दवा के तौर पर अनुमति दी गई है, जो पहली अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित कोविड वैक्सीन है. पॉल ने हालांकि स्पष्ट किया कि नई दवा की अनुमति आपातकालीन उपयोग के लिए है और मॉडर्ना दो खुराक के साथ दी जाएगी. उन्होने कहा, हमारे पास अभी कोवैक्सिन, कोविशील्ड, स्पूतनिक-वी और मॉडर्ना वैक्सीन उपलब्ध हैं. जल्दी ही हम फाइजर से भी टीके के लिए डील फाइनल कर लेंगे. यह भी पढ़े: सिप्ला और मॉडर्ना को COVID वैक्सीन के आयात के लिए DCGA की मिली मंजूरी
इसके अलावा डीसीजीआई ने मुंबई स्थित दवा कंपनी कंपनी सिप्ला को भारत में मॉडर्ना वैक्सीन के आयात की मंजूरी दे दी है. सिप्ला ने एक दिन पहले ही अमेरिकी वैक्सीन के भारत में आयात और उसकी मार्केटिंग की अनुमति मांगी थी. इसके अलावा गर्भवती महिलाओं पर टीके के असर को लेकर भी उन्होंने भ्रम को दूर किया.
अधिक से अधिक लोगों को जल्द से जल्द टीका लगाने के लिए भारत के त्वरित टीकाकरण अभियान के बीच मॉडर्ना वैक्सीन का प्रवेश एक महत्वपूर्ण कदम है। महामारी की संभावित तीसरी लहर की आशंकाओं को दूर करने के अलावा, नई दवा निस्संदेह आपूर्ति बाधाओं को बेहतर बनाने में मदद करेगी.
बता दें कि मॉडर्ना की वैक्सीन मैसेंजर आरएनए पर निर्भर करती है, जो कोशिकाओं को कोरोना वायरस के खिलाफ इम्यूनिटी तैयार करने के लिए प्रोग्राम करते हैं। इस वैक्सीन को लेकर किए गए क्लिनिकल परीक्षण के परिणाम बताते हैं कि ये वैक्सीन कोरोना संक्रमण के लक्षणों वाले मामलों के खिलाफ 90 फीसदी से ज्यादा कारगर है.
इससे पहले दिन में जॉनसन एंड जॉनसन ने कहा था कि वह देश में अपने सिंगल-शॉट कोविड-19 वैक्सीन के वितरण में तेजी लाने के तरीकों का पता लगाने के लिए भारत सरकार के साथ बातचीत कर रही है. पिछले 24 घंटों में भारत ने 52,76,457 लोगों को वैक्सीन की खुराक दी है, जिसके बाद अब तक कुल 31.90 करोड़ (32,90,29,510) वैक्सीन की खुराक दी जा चुकी है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 29, 2021 10:35 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

