MHADA Lottery 2025: महाराष्ट्र (Maharashtra) सरकार ने अगले 5 वर्षों में मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में किफायती घरों के निर्माण के लिए एक व्यापक योजना तैयार की है. इस योजना के अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों, कार्यरत महिलाओं के लिए हॉस्टल, किराए के मकान, और प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत करीब दो करोड़ घरों का लक्ष्य रखा गया है. सरकार का मुख्य उद्देशय है कि हर वर्ग को सम्मानजनक और किफायती घर उपलब्ध हों. ये उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने कहा म्हाडा( MHADA) के कोकण मंडल की ओर से 5,354 आवास इकाइयों और 77 भूखंडों की कंप्यूटराइज्ड लॉटरी का आयोजन ठाणे स्थित डॉ. काशिनाथ घाणेकर नाट्यगृह में किया गया.
इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री एकनाथ शिंदे ने उपस्थित रहकर लॉटरी का शुभारंभ किया.कार्यक्रम में परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक, सांसद नरेश म्हस्के, विधायक निरंजन डावखरे, तथा म्हाडा के उपाध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजय जयस्वाल सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित थे.ये भी पढ़े:खुशखबरी! Mhada Kokan Mandal Lottery के नतीजें 11 अक्टूबर को होंगे जारी, 5,354 घर और 77 प्लॉट्स होंगे अलॉट; जानें मोबाइल पर कैसे देखें Result?
अधूरी परियोजनाओं को मिलेगा नया जीवन
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने बताया कि राज्य सरकार ने झुग्गी पुनर्विकास से जुड़ी अधूरी परियोजनाओं को अब म्हाडा( MHADA), सिडको (CIDCO), एमएमआरडीए, एमआईडीसी और बृहन्मुंबई महानगरपालिका जैसी संस्थाओं को सौंपा है.उन्होंने कहा कि इस निर्णय से कई अधूरी योजनाओं को नई गति मिलेगी और झुग्गीवासियों का पुनर्वास जल्दी हो सकेगा.
महाराष्ट्र आवास नीति तैयार करने वाला पहला राज्य
शिंदे ने गर्वपूर्वक कहा कि महाराष्ट्र (Maharashtra) देश का पहला राज्य है जिसने अपनी स्वतंत्र आवास नीति तैयार की है.उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि घाटकोपर स्थित रमाबाई आंबेडकर नगर की अधूरी परियोजना अब नई नीति के तहत पुनः प्रारंभ हुई है, जिससे 17,000 झुग्गीवासियों को नया घर मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है.
50 लाख करोड़ रुपये का निवेश
सरकार की योजना (Project) के अनुसार आने वाले पांच वर्षों में 50 लाख करोड़ रुपये का निवेश आवास क्षेत्र में किया जाएगा.इससे लगभग 35 लाख घरों का निर्माण होने की उम्मीद है.इसके अलावा, केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी में की गई कटौती से घरों की कीमतों में कमी आएगी, जिससे आम लोगों को राहत मिलेगी.उपमुख्यमंत्री शिंदे ने बताया कि एमएमआर ग्रोथ हब प्रोजेक्ट के तहत वर्ष 2030 तक 30 लाख नए घरों के निर्माण का लक्ष्य है, जिनमें से लगभग 8 लाख घर म्हाडा द्वारा तैयार किए जाएंगे.उन्होंने म्हाडा की पारदर्शी लॉटरी प्रणाली की प्रशंसा की और कहा कि लोगों का भरोसा इसी ईमानदार प्रक्रिया की वजह से लगातार बढ़ रहा है.
म्हाडा की उपलब्धियां और आगामी लक्ष्य
म्हाडा के सीईओ (CEO) संजय जयस्वाल ने जानकारी दी कि कोकण मंडल की यह पिछले तीन वर्षों में चौथी कंप्यूटराइज्ड लॉटरी है.अब तक म्हाडा ने पुणे, नाशिक, नागपुर और छत्रपति संभाजीनगर मंडलों के माध्यम से करीब 41,500 घर उपलब्ध कराए हैं.उन्होंने विश्वास जताया कि उपमुख्यमंत्री शिंदे के मार्गदर्शन में म्हाडा अपने सभी आवास लक्ष्यों को समय पर पूरा करेगा.बी.डी.डी. चाल, सायन कोळीवाड़ा, कमाठीपुरा, अभ्युदय नगर, गोरेगांव की मोतीलाल नगर कॉलोनी, अंधेरी के सरदार वल्लभभाई पटेल नगर, और बांद्रा रिक्लेमेशन जैसी जगहों पर चल रही पुनर्विकास परियोजनाओं के जरिए अगले पांच वर्षों में लगभग दो लाख घरों का निर्माण होगा.
मिल मजदूरों को भी मिलेगा अपना घर
अब तक करीब 20,000 मिल मजदूरों (Mill Workers) को घर मिल चुके हैं, जबकि एक लाख मजदूरों और उनके परिवारों की पात्रता भी तय की जा चुकी है.शिंदे ने आश्वासन दिया कि म्हाडा आने वाले समय में सभी पात्र मजदूरों को घर उपलब्ध कराने के लिए तत्पर है.कार्यक्रम का संचालन म्हाडा के उप अभियंता अभय कुलकर्णी ने किया.इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री शिंदे ने उपस्थित नागरिकों से अपील की कि वे म्हाडा पर अपना भरोसा बनाए रखें, क्योंकि म्हाडा का लक्ष्य हर नागरिक को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है.













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