Meat, Liquor Ban in Ram Path: अयोध्या नगर निगम का बड़ा फैसला 'राम पथ' के 14 KM क्षेत्र में मांस, शराब और बीड़ी-सिगरेट की बिक्री पर लगा बैन
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 Meat, Liquor Ban in Ram Path:  अयोध्या नगर निगम ने एक बड़ा फैसला लेते हुए राम की नगरी अयोध्या में राम पथ के 14 किलोमीटर के दायरे में मांस, शराब, बीड़ी, सिगरेट, पान, गुटखा और इनरवियर के विज्ञापनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है. अयोध्या नगर निगम ने शहर की धार्मिक भावना को बनाए रखने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया है. इस प्रतिबंध के बाद जल्द ही अयोध्या नगर निगम दिशा निर्देश जारी करेगा.

राम पथ के इस हिस्से में मांस और शराब की दुकानें हैं

वर्तमान में राम पथ के इस हिस्से में मांस और शराब बेचने वाली कई दुकानें मौजूद हैं. विशेष रूप से फैजाबाद शहर में पड़ने वाले 5 किलोमीटर के क्षेत्र में. अयोध्या के मेयर गिरीश पति त्रिपाठी (Mayor Girish Pati Tripathi) ने गुरुवार को इस फैसले की घोषणा की. उन्होंने बताया कि नगर निगम की कार्यकारी समिति, जिसमें मेयर, डिप्टी मेयर और 12 पार्षद शामिल हैं, ने सर्वसम्मति से इस प्रस्ताव को पारित किया है. UP Meat, Fish-Liquor Ban on January 22: योगी सरकार का फैसला, राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के दिन यूपी में मांस, मछली और शराब की बिक्री पर लगी रोक

धार्मिक भावना को बनाए रखने के लिए लिया गया फैसला

मेयर गिरीश पति त्रिपाठी ने मीडिया से बातचीत में कहा, "अयोध्या की सच्ची धार्मिक भावना को बनाए रखने के लिए यह प्रतिबंध लागू किया गया है, इस फैसले को लागू करने के लिए जल्द ही आधिकारिक आदेश जारी किया जाएगा," उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह प्रतिबंध पूरे राम पथ पर लागू होगा, जिसमें फैजाबाद शहर का हिस्सा भी शामिल है.

अयोध्या में पहले से ही कई क्षेत्रों में मांस-शराब पर है बैन

गौरतलब है कि अयोध्या में पहले से ही कई क्षेत्रों में मांस और शराब की बिक्री पर रोक है, नया प्रस्ताव इस प्रतिबंध को और सख्त करते हुए पूरे राम पथ पर लागू करने का है. राम पथ, जो सरयू तट से शुरू होता है, अयोध्या का एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक मार्ग है.

धार्मिक भावना को मिलेगा सम्मान

इस फैसले से स्थानीय लोगों और तीर्थयात्रियों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने का प्रयास किया जा रहा है.

नगर निगम जल्द ही जारी करेगा दिशा-निर्देश

नगर निगम जल्द ही इस प्रतिबंध के कार्यान्वयन के लिए दिशा-निर्देश और समयसीमा जारी करेगा. इस फैसले का स्थानीय दुकानदारों और व्यापारियों पर प्रभाव पड़ सकता है, जिसके लिए नगर निगम से वैकल्पिक व्यवस्थाओं की मांग भी उठ सकती है.