Malabar Gold Faces Major Boycott Calls: मशहूर ज्वेलरी ब्रांड मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स (Malabar Gold & Diamonds) धनतेरस और दिवाली जैसे बड़े त्योहारों से ठीक पहले एक बड़े विवाद में फंस गया है. सोशल मीडिया पर लोग इस ब्रांड को बायकॉट करने की मांग कर रहे हैं. पूरा मामला एक पाकिस्तानी इन्फ्लुएंसर के साथ काम करने से जुड़ा है, जिसने भारतीय सेना के खिलाफ बातें कही थीं.
कैसे शुरू हुआ ये पूरा विवाद?
हाल ही में मालाबार गोल्ड ने यूनाइटेड किंगडम (UK) में अपना एक नया शोरूम खोला. इस इवेंट की चीफ़ गेस्ट बॉलीवुड एक्ट्रेस करीना कपूर थीं. कंपनी ने इस इवेंट के प्रमोशन के लिए लंदन में रहने वाली एक पाकिस्तानी इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर अलीशबा खालिद (Alishba Khalid) को भी बुलाया था.
अलीशबा ने अपने इंस्टाग्राम पर करीना कपूर के साथ एक रील भी पोस्ट की थी, जिसे बाद में डिलीट कर दिया गया.
इसके बाद 10 सितंबर को विजय पटेल नाम के एक सोशल मीडिया यूज़र ने इस बात पर ध्यान दिलाया. उन्होंने बताया कि मालाबार गोल्ड एक ऐसी पाकिस्तानी इन्फ्लुएंसर के साथ काम कर रहा है, जिसका नज़रिया भारत विरोधी है. अलीशबा ने पहले भारतीय सेना की एक जवाबी कार्रवाई 'ऑपरेशन सिंदूर' को "कायरतापूर्ण हरकत" बताया था. विजय पटेल ने लिखा, "यह किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता."
Malabar Gold UK is collaborating with Pakistani influencers who don't care for Indian followers and calling 'Operation Sindoor' a cowardly act!
This is not acceptable at any cost @Malabartweets
M P Ahammed from Kerala is the owner of the Malabar Group of companies. pic.twitter.com/wReYH6XkDW
— Vijay Patel (@vijaygajera) September 10, 2025
कंपनी ने माफी मांगने के बजाय कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया
इस मामले पर कोई बयान जारी करने या माफी मांगने के बजाय, कंपनी सीधे बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंच गई. कंपनी ने इसे अपने खिलाफ एक "दुर्भावनापूर्ण ऑनलाइन अभियान" बताया.
29 सितंबर को सुनवाई के दौरान, मालाबार के वकील ने कहा कि अलीशबा को एक थर्ड-पार्टी एजेंसी के ज़रिए हायर किया गया था. उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि कंपनी को अलीशबा के भारत-विरोधी विचारों के बारे में "कोई जानकारी नहीं" थी और जैसे ही उन्हें इसका पता चला, उन्होंने उसके साथ सारे संबंध खत्म कर दिए. कंपनी ने यह भी आरोप लगाया कि त्योहारों के सीज़न में उनकी छवि खराब करने के लिए इस विवाद को जानबूझकर बढ़ाया जा रहा है.
कोर्ट ने कंपनी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए मेटा, एक्स (ट्विटर) और गूगल जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को इस विवाद से जुड़े 442 URLs हटाने का आदेश दिया.
URGENT SUPPORT NEEDED.
So MP Ahammed Owned Malabar Gold wants to send me to jail for exposing their Pakistani influencer collaboration, who has mocked our operation Sindoor.
I am willing to go to jail for the pride of our Army.
You can’t silence me just because you have the… pic.twitter.com/hCJqKCwZJa
— Vijay Patel (@vijaygajera) October 15, 2025
विवाद फिर से क्यों भड़क गया?
मामला शांत हो ही रहा था कि 15 अक्टूबर को विजय पटेल ने एक और पोस्ट किया. इस बार उन्होंने दावा किया कि मालाबार गोल्ड उन पर कानूनी कार्रवाई करने और उन्हें जेल भेजने की कोशिश कर रहा है क्योंकि उन्होंने इस मामले को उजागर किया.
उन्होंने एक्स पर लिखा, "एक भारतीय कंपनी होने के नाते, आपका पहला कर्तव्य पाकिस्तानी के बजाय भारतीय इन्फ्लुएंसर को काम देना है. आपने ऐसा नहीं किया और आपके द्वारा हायर की गई इन्फ्लुएंसर ने हमारी भारतीय सेना के खिलाफ बात की है. मैंने सिर्फ इस बात को सामने रखा है. मैं साफ कर दूं, मैं भारत-विरोधी इन्फ्लुएंसर को काम देने वाली कंपनी के आगे झुकने के बजाय जेल जाना पसंद करूंगा."
सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा: 'न कभी खरीदा, न खरीदेंगे'
विजय पटेल के इस पोस्ट के बाद लोगों का गुस्सा फिर से भड़क उठा. कई लोगों ने उनके समर्थन में कमेंट्स किए. कुछ लोगों ने केरल के अरबपति एम. अहमद के मालिकाना हक वाले इस ब्रांड पर "पाकिस्तान से सहानुभूति" रखने का आरोप लगाया.
एक यूज़र ने लिखा, "मालाबार गोल्ड दिवाली के समय भारत में अपने प्रोडक्ट बेचने के लिए पाकिस्तानी इन्फ्लुएंसर के साथ काम करता है. यही पाकिस्तानी इन्फ्लुएंसर 'ऑपरेशन सिंदूर' का मज़ाक उड़ाते हैं."
एक अन्य यूज़र ने लिखा, "मालाबार से कभी कुछ नहीं खरीदा. अब तो कभी नहीं खरीदूंगा. देश का गौरव और हमारे सैनिकों का सम्मान उनके सोने और हीरों से कहीं ज़्यादा कीमती है. अपनी गलतियों के लिए माफी मांगने के बजाय सोशल मीडिया हैंडल को धमकाना शर्मनाक और अस्वीकार्य है."
इस पूरे विवाद ने त्योहारों के मौसम में कंपनी के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी कर दी है, जब लोग सबसे ज़्यादा सोने-चांदी की खरीदारी करते हैं.













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