Red Fort Blast Case Update: लाल किले ब्लास्ट केस में बड़ी कार्रवाई, आत्मघाती हमलावर के साथी कश्मीरी युवक को NIA ने दबोचा

लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट मामले में NIA ने अपनी जांच तेज करते हुए एक कश्मीरी युवक आमिर को गिरफ्तार किया है. शुरुआती जांच में सामने आया कि 10 नवंबर को हुए धमाके में इस्तेमाल की गई कार आमिर के नाम पर पंजीकृत थी.

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Red Fort Blast Case Update: लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट मामले में NIA ने अपनी जांच तेज करते हुए एक कश्मीरी युवक आमिर को गिरफ्तार किया है. शुरुआती जांच में सामने आया कि 10 नवंबर को हुए धमाके में इस्तेमाल की गई कार आमिर के नाम पर पंजीकृत थी. एजेंसी के अनुसार, आमिर न केवल दिल्ली आया था, बल्कि उसने आत्मघाती हमलावर डॉक्टर उमर उन नबी को कार उपलब्ध कराने और उसे VBIED यानी विस्फोटक से भरी कार में बदलने में अहम भूमिका निभाई थी. इसी कार में धमाके के दौरान 10 लोगों की मौत हुई थी और 32 घायल हुए थे.

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फॉरेंसिक रिपोर्ट से हमलावर की पहचान

जांच टीम ने बताया कि धमाके वाली जगह से मिली जली हुई बॉडी की फॉरेंसिक जांच की गई, जिसमें पुष्टि हुई कि शव उमर उन नबी का ही है. उमर अल-फला विश्वविद्यालय में जनरल मेडिसिन का असिस्टेंट प्रोफेसर था और वही धमाके के समय कार चला रहा था. उसके एक और वाहन को भी एजेंसी ने जब्त किया है, जिसके फॉरेंसिक टेस्ट जारी हैं. अधिकारियों को शक है कि यह वाहन भी किसी न किसी तरीके से साजिश से जुड़ा हो सकता है.

कई राज्यों की एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई

अब तक NIA 73 गवाहों से पूछताछ कर चुकी है, जिनमें धमाके में घायल बचे लोग भी शामिल हैं. यह पूछताछ घटनाक्रम की पूरी चेन जोड़ने और हमले में शामिल हर व्यक्ति की पहचान करने के लिए की जा रही है. जांच को मजबूत बनाने के लिए NIA दिल्ली पुलिस, जम्मू कश्मीर पुलिस, हरियाणा पुलिस, यूपी पुलिस और अन्य केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय कर रही है.

अधिकारियों का मानना है कि साजिश का दायरा आमिर और उमर से बहुत आगे जाता है और आने वाले दिनों में कई और गिरफ्तारियां हो सकती हैं. जांच का फोकस अब उन लोगों तक पहुंचना है जिन्होंने हमले की योजना, फंडिंग और लॉजिस्टिक सपोर्ट दिया.

पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश बड़ा लक्ष्य

NIA के अनुसार सबसे बड़ी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि इस हमले की साजिश में शामिल हर व्यक्ति की पहचान कर उसे सजा दिलाई जाए. एजेंसी का कहना है कि जब तक पूरे नेटवर्क का खुलासा नहीं होगा, जांच आगे बढ़ती रहेगी.

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