Maharashtra Weather Update: महाराष्ट्र में चिलचिलाती धूप और बढ़ते तापमान के बीच मौसम विभाग ने एक महत्वपूर्ण बदलाव की चेतावनी दी है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 30 मार्च से राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि (Hailstorm) होने की संभावना है. पिछले कुछ दिनों से राज्य के कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था, लेकिन अब एक नए वायुमंडलीय विक्षोभ के कारण मौसम का मिजाज बदलने वाला है.
मौसम विभाग ने विशेष रूप से मराठवाड़ा, विदर्भ और मध्य महाराष्ट्र के निवासियों और किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है. अप्रैल के पहले सप्ताह तक यह अस्थिर मौसम जारी रहने का अनुमान है. यह भी पढ़े: Maharashtra Weather Alert: महाराष्ट्र में भीषण गर्मी का असर शुरू, पुणे-विदर्भ समेत कई जिलों में अगले दो दिनों के लिए IMD ने जारी किया हीटवेव अलर्ट
ओलावृष्टि और आंधी का पूर्वानुमान
आईएमडी के नवीनतम बुलेटिन के अनुसार, सोमवार 30 मार्च से खानदेश, मराठवाड़ा और पश्चिम विदर्भ के क्षेत्रों में बिजली कड़कने और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो सकती है. मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में भी हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है.
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 31 मार्च को बारिश की तीव्रता में थोड़ी कमी आ सकती है, लेकिन यह राहत अस्थायी होगी. 1 अप्रैल से 4 अप्रैल के बीच मौसम का दूसरा और अधिक तीव्र दौर आने की उम्मीद है. इस दौरान विदर्भ और मराठवाड़ा के कुछ अलग-अलग हिस्सों में ओलावृष्टि होने की प्रबल संभावना है.
पारे में उछाल: सोलापुर रहा सबसे गर्म
बारिश के इस पूर्वानुमान से ठीक पहले महाराष्ट्र के कई जिलों में भीषण गर्मी दर्ज की गई है. 28 मार्च को राज्य के कई केंद्रों पर तापमान सामान्य से काफी ऊपर रहा. सोलापुर 40.4 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा.
इसके अलावा जलगांव, जेउर और परभणी में पारा 39.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. अहमदनगर, औरंगाबाद और सतारा जैसे शहरों में भी तापमान 38 डिग्री से अधिक दर्ज किया गया. तटीय क्षेत्रों में आर्द्रता (Humidity) अधिक होने के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है.
किसानों और जनता के लिए सुरक्षा दिशा-निर्देश
रबी फसलों की कटाई का सीजन चरम पर होने के कारण कृषि विभाग ने किसानों के लिए जरूरी एडवाइजरी जारी की है. किसानों से अपील की गई है कि वे अपनी तैयार फसलों की कटाई जल्द पूरी कर लें और अनाज को सुरक्षित गोदामों या वाटरप्रूफ शीट से ढंककर रखें ताकि ओलावृष्टि और नमी से नुकसान न हो.
आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने आम जनता के लिए भी सुरक्षा प्रोटोकॉल जारी किए हैं:
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बिजली कड़कने के समय पेड़ों के नीचे या टिन शेड के पास शरण न लें.
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बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मर और हाई-टेंशन लाइनों से दूर रहें.
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तेज हवाओं के दौरान ढीली वस्तुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें.
महाराष्ट्र में मार्च के अंत में तापमान बढ़ना सामान्य है, लेकिन इस बार गर्मी और नमी वाली हवाओं के मिलन से प्री-मानसून गतिविधियां काफी उग्र नजर आ रही हैं. मौसम विभाग अगले 48 घंटों तक स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए है.












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