Liquor to be Banned in Kharghar: मुंबई से सटे खारघर को शराब मुक्त क्षेत्र घोषित करने की मांग ज़ोर पकड़ रही है. सोमवार को रायगढ़ ज़िले के अलीबाग स्थित कलेक्टर कार्यालय में इस विषय पर एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें पूर्व विधायक प्रशांत ठाकुर, खारघर संघर्ष समिति के प्रतिनिधि, राज्य आबकारी विभाग और ज़िला परिषद के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
स्थानीय समर्थन मिलने पर लगेगा प्रतिबंध: जिलाधिकारी
बैठक के बाद रायगढ़ ज़िला कलेक्टर किशन जावले ने कहा कि यदि स्थानीय निवासियों का पर्याप्त समर्थन प्राप्त होता है, तो खारघर में पूर्ण शराबबंदी लागू करने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू की जाएगी. उन्होंने कहा, "राज्य सरकार के नियमों के अनुसार, यदि किसी क्षेत्र के 25% पंजीकृत मतदाता शराबबंदी की मांग करते हुए लिखित आवेदन देते हैं, तो प्रशासन मतदान कराएगा. यदि बहुमत पक्ष में वोट करता है, तो उस क्षेत्र में शराबबंदी लागू कर दी जाएगी. यह भी पढ़े: Ram Temple Inauguration: BJP सांसद दीपक प्रकाश ने सीएम हेमंत सोरेन से की मांग, झारखंड में 22 जनवरी को शराब और मांस बिक्री पर लगे प्रतिबंध
2007 से चल रहा है अभियान
खारघर संघर्ष समिति, जिसमें स्थानीय निवासी, सामाजिक कार्यकर्ता और हाउसिंग सोसाइटी के सदस्य शामिल हैं, वर्ष 2007 से खारघर को शराब मुक्त क्षेत्र बनाने की मांग कर रही है, समिति का कहना है कि इलाके में आबादी, स्कूलों और कॉलेजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए शराब की दुकानें समाज के लिए नुकसानदेह हैं.
समिति ने जताई नाराज़गी
समिति की सदस्य तेजस्विनी सालस्कर ने मीडिया से बातचीत में बताया कि "2007 में खारघर में केवल एक शराब की दुकान थी, जिसे लगातार विरोध प्रदर्शन के कारण छह महीने के भीतर सील कर दिया गया था। लेकिन हाल के वर्षों में दो से तीन बार शराब की दुकानें फिर से खुली हैं। ऐसे में हमारी मांग है कि इन दुकानों के लाइसेंस रद्द किए जाएं.













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