Maharashtra: मुंबई म्यूनिसिपल एंड प्राइवेट उर्दू टीचर्स यूनियन ने कक्षा 1 से 10 के छात्रों के लिए मुफ्त मोबाइल फोन पुस्तकालय किया शुरू
मुंबई म्यूनिसिपल एंड प्राइवेट उर्दू टीचर्स यूनियन ने कक्षा 1-10 के छात्रों के लिए इमामवाड़ा क्षेत्र में एक मुफ्त मोबाइल फोन पुस्तकालय शुरू किया है. आर्थिक रूप से कमजोर छात्र, जो मोबाइल फोन नहीं खरीद सकते वे अब यहां ऑनलाइन कक्षाओं में भाग ले रहे हैं. कक्षा में अब तक 22 छात्र शामिल हो चुके हैं.
महाराष्ट्र: मुंबई म्यूनिसिपल एंड प्राइवेट उर्दू टीचर्स यूनियन ने कक्षा 1-10 के छात्रों के लिए इमामवाड़ा क्षेत्र में एक मुफ्त मोबाइल फोन पुस्तकालय शुरू किया है. आर्थिक रूप से कमजोर छात्र, जो मोबाइल फोन नहीं खरीद सकते वे अब यहां ऑनलाइन कक्षाओं में भाग ले रहे हैं. कक्षा में अब तक 22 छात्र शामिल हो चुके हैं. यह मोबाइल फोन लायब्रेरी में पीने के पानी की सुविधा और शौचालय के साथ दस स्मार्टफोन और वाईफाई कनेक्टिविटी से लैस है. इस नि: शुल्क सुविधा की शुरुआत दक्षिण मुंबई के इमामवाड़ा में किया गया. कोविड-19 के मद्देनजर सोशल डिस्टेंसिंग को बनाए रखने के लिए छात्रों को 9 बजे से 8 बजे के बीच अपने स्लॉट बुक करने होंग. इस तरह के दो अन्य पुस्तकालय जल्द ही बांद्रा पूर्व में बेहरामबाग और साकीनाका के मोहिली गांव में खुलेंगे.
सेंटर इंचार्ज शाहिना सईद ने बताया कि कुछ छात्रों के पास या तो मोबाइल फोन नहीं थे या उनके परिवार में केवल एक मोबाइल फोन था. तो हमने ये सुविधा शुरू की. उन्हें ऑनलाइन पढ़ाया गया और उनका सिलेबस पूरा किया जा रहा है. कक्षाएं सुबह 8 से दोपहर 3 बजे तक आयोजित की जाती हैं. सभी COVID-19 SOPs का पालन किया जा रहा है. मुंबई म्युनिसिपल और प्राइवेट उर्दू टीचर्स यूनियन के अध्यक्ष मुहम्मद जावेद अंसारी ने कहा कि BMC स्कूलों के 60,000 से अधिक छात्रों के पास ऑनलाइन कक्षाओं तक पहुँच नहीं है,क्योंकि उनके पास या तो स्मार्टफोन नहीं हैं या इंटरनेट कनेक्शन नहीं है. जबकि यूनियन ने लगभग 50,000 रुपये की धनराशि जुटाई, खैरे उम्मत ट्रस्ट, युवा फाउंडेशन,जमात-ए-इस्लामी जैसे संगठनों ने भी मौद्रिक रूप से या स्थान उपलब्ध कराकर योगदान दिया है. अंसारी ने कहा कि असहाय अभिभावकों के फोन कॉल से उनका संघ प्रभावित हुआ है और जब स्कूलों के “कई शिक्षकों ने मुझे बताया कि बहुत से छात्र पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं. ज्यादातर घरों में, वाईफाई कनेक्शन नहीं है. दूसरों के पास सिर्फ एक मोबाइल फोन है जो काम के लिए पिता द्वारा उपयोग किया जाता है. इसके अलावा, दो या तीन भाई-बहन एक ही फोन पर एक साथ अध्ययन नहीं कर सकते हैं, ”अंसारी ने कहा.
देखें ट्वीट:
Some students either didn't have mobile phones or there was only one mobile phone in their family. So we did this. They're taught online & their syllabus is being completed. Classes are held from 8 am to 3 pm. All COVID-19 SOPs are being followed: Shahina Sayed, Centre Incharge https://t.co/wL6mIkxBB5 pic.twitter.com/lKimIL2Biy— ANI (@ANI) October 18, 2020
जिसके बाद शिक्षकों के संघ ने शुरू में कुछ पैसे जुटाने और कुछ को मोबाइल फोन देने का फैसला किया, लेकिन 60,000 उनकी पहुंच से परे एक संख्या थी. जिसके बाद हमने ऑनलाइन शिक्षा के लिए एक पुस्तकालय की स्थापना की, जहां छात्र कक्षाओं में भाग ले सकते हैं," अंसारी ने कहा कि बच्चों की अधिकतम संख्या इस सुविधा का लाभ लेने की उम्मीद है.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 18, 2020 09:31 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

