Shaneshwar Temple: महाराष्ट्र सरकार का फैसला, ट्रस्ट में धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के चलते शनि शिंगणापुर मंदिर को लेगी अपने नियंत्रण में
शनैश्वर मंदिर, शनि शिंगणापुर के ट्रस्ट बोर्ड को भंग कर मंदिर का नियंत्रण अपने हाथ में लेने का फैसला किया है. यह निर्णय मंदिर ट्रस्ट पर कुप्रबंधन, धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार, फर्जी ऐप के जरिए श्रद्धालुओं से धन वसूली, कर्मचारियों की अनियमित नियुक्ति, मंदिर के मंच को लेकर विवाद और कानून-व्यवस्था से जुड़े गंभीर आरोपों के बाद लिया गया है.
Shaneshwar Temple: महाराष्ट्र सरकार ने अहिल्यानगर जिले के प्रसिद्ध शनैश्वर मंदिर, शनि शिंगणापुर के ट्रस्ट बोर्ड को भंग कर मंदिर का नियंत्रण अपने हाथ में लेने का फैसला किया है. यह निर्णय मंदिर ट्रस्ट पर कुप्रबंधन, धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार, फर्जी ऐप के जरिए श्रद्धालुओं से धन वसूली, कर्मचारियों की अनियमित नियुक्ति, मंदिर के मंच को लेकर विवाद और कानून-व्यवस्था से जुड़े गंभीर आरोपों के बाद लिया गया है. स्थिति तब और गंभीर हो गई जब एक उप कार्यकारी अधिकारी ने आत्महत्या कर ली.
शनैश्वर मंदिर के बारे में
अहिल्यानगर जिले में स्थित शनैश्वर मंदिर एक ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल है, जो पूरे देश से हर दिन हजारों भक्तों को आकर्षित करता है. यह मंदिर अपनी अनूठी परंपराओं और शनि देव की पूजा के लिए प्रसिद्ध है. हालांकि, हाल के वर्षों में ट्रस्ट के कुप्रबंधन और वित्तीय अनियमितताओं के कारण मंदिर की छवि को नुकसान पहुंचा है. यह भी पढ़े: Maharashtra Government Decision: ग्रामीण इलाकों की सड़कों को दिया जाएगा स्पेसिफिक नंबर, अतिक्रमण हटाने के लिए महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला
अधिनियम, 2018 लागू करेगी सरकार
जांच में मंदिर प्रबंधन में कई अनियमितताएं सामने आने के बाद, राज्य सरकार ने श्री शनैश्वर मंदिर ट्रस्ट प्रबंधन अधिनियम, 2018 को लागू करने का निर्णय लिया. यह अधिनियम 2018 में राज्य विधानसभा में पारित किया गया था, लेकिन इसे अब तक लागू नहीं किया गया था. लेकिन प्रदेश की सरकार ने फैसला किया हैं कि अधिनियम, 2018 लागू किया जायेगा. यह फैसला सरकार ने भक्तों की सुविधाओं को प्राथमिकता देने, पारदर्शिता सुनिश्चित करने और वित्तीय लेन-देन में सुधार लाने के लिए यह कदम उठाया है.
अधिग्रहण का महत्व
महाराष्ट्र सरकार ने धार्मिक स्थलों के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। यह निर्णय भक्तों के विश्वास को बनाए रखने और धार्मिक आयोजनों की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 23, 2025 03:45 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

