महाराष्ट्र में मंत्रियों का परफॉर्मेंस ऑडिट जल्द! फडणवीस सरकार करेगी काम की पूरी जांच

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह परफॉर्मेंस ऑडिट कई मापदंडों पर किया जाएगा, विभागीय प्रदर्शन और योजनाओं का क्रियान्वयन, जनता से जुड़ाव और उनकी समस्याओं का समाधान, सरकारी योजनाओं की निगरानी और विधानसभा सत्रों में जवाबदेही और उपस्थिति.

CM Devendra Fadnavis | PTI

मुंबई: महाराष्ट्र सरकार अब अपने मंत्रियों के कामकाज का बारीकी से ऑडिट करने की तैयारी में है. रिपोर्ट्स के अनुसार, सीएम देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) के नेतृत्व वाली महायुति सरकार आने वाले कुछ महीनों में सभी कैबिनेट और राज्यमंत्री स्तर के नेताओं के काम का मूल्यांकन कर सकती है. इस ऑडिट का उद्देश्य मंत्रियों को अधिक जवाबदेह और परिणाममुखी बनाना है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह परफॉर्मेंस ऑडिट कई मापदंडों पर किया जाएगा, विभागीय प्रदर्शन और योजनाओं का क्रियान्वयन, जनता से जुड़ाव और उनकी समस्याओं का समाधान, सरकारी योजनाओं की निगरानी और विधानसभा सत्रों में जवाबदेही और उपस्थिति.

जो मंत्री इन मापदंडों पर बेहतर प्रदर्शन करेंगे, उन्हें पद पर बनाए रखा जाएगा, जबकि कमजोर प्रदर्शन करने वालों से इस्तीफा देने को कहा जा सकता है.

गुजरात से मिली प्रेरणा

बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र सरकार यह कदम गुजरात सरकार से प्रेरित होकर उठा रही है. गुजरात में हाल ही में हुए ऐसे ही ऑडिट के बाद कई मंत्रियों को खराब प्रदर्शन के कारण पद छोड़ना पड़ा था. हालांकि महाराष्ट्र में पूरा मंत्रिमंडल बदलने की संभावना कम है, लेकिन कुछ नए और काबिल चेहरे कैबिनेट में शामिल किए जा सकते हैं.

बीजेपी और शिवसेना (शिंदे गुट) दोनों पक्षों ने जताया समर्थन

मुंबई के एक बीजेपी विधायक ने कहा, “ऐसे रिव्यू हमारी पार्टी की वर्क कल्चर का हिस्सा हैं. जवाबदेही शासन की मूल भावना है और बीजेपी हमेशा योग्य नेताओं को आगे बढ़ाने में विश्वास रखती है.”वहीं शिवसेना (शिंदे गुट) के वरिष्ठ नेता और मुंबई के विधायक प्रकाश सर्वे ने भी इस पहल का स्वागत किया. उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री कार्यालय के पास हर विभाग और मंत्री का विस्तृत डेटा पहले से है. अगर परफॉर्मेंस के आधार पर फेरबदल होता है, तो यह नए चेहरों के लिए अच्छा मौका होगा. बदलाव ज़रूरी और सकारात्मक कदम है.”

फडणवीस सरकार का एक साल पूरा होने से पहले बड़ा कदम

देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार 5 दिसंबर 2024 को अपना एक वर्ष पूरा करेगी. इस दौरान मुख्यमंत्री ने शासन में पारदर्शिता और नापने योग्य प्रदर्शन पर जोर दिया है. प्रत्येक मंत्री से अपने विभाग के लिए 100 दिन की योजना बनाने को कहा गया था, जिसके आधार पर समय-समय पर समीक्षा बैठकों का आयोजन भी हुआ.

किन बिंदुओं पर होगी जांच?

राज्य मंत्री (जूनियर मिनिस्टर्स) भी इस समीक्षा प्रक्रिया से अछूते नहीं रहेंगे. अगर यह ऑडिट लागू होता है, तो यह महाराष्ट्र की राजनीति में परफॉर्मेंस बेस्ड गवर्नेंस की दिशा में बड़ा कदम होगा.

Share Now

\