Looteri Dulhan Kajal: मिलिए काजल से. उत्तर प्रदेश के मथुरा की रहने वाली यह लड़की कोई आम अपराधी नहीं, बल्कि एक शातिर 'लुटेरी दुल्हन' है. काजल और उसका पूरा परिवार मिलकर कुंवारे लड़कों को अपने जाल में फंसाते थे, उनसे शादी करते और फिर मौका देखकर घर के सारे पैसे और गहने लेकर फरार हो जाते थे. यूपी, हरियाणा और राजस्थान में कई लोगों को ठगने के बाद आखिरकार काजल को हरियाणा के गुरुग्राम से गिरफ्तार कर लिया गया है.
इस गैंग का तरीका बड़ा ही शातिर था. काजल के पिता भगत सिंह ऐसे लड़कों की तलाश करते थे जो शादी के लिए लड़की ढूंढ रहे हों. वह उनसे दोस्ती करते और फिर अपनी बेटियों की शादी का प्रस्ताव रखते. एक बार रिश्ता तय हो जाने के बाद, वह अपनी गरीबी का हवाला देकर शादी की तैयारियों के लिए लड़के वालों से लाखों रुपये ऐंठ लेते थे.
शादी होने के बाद काजल और उसकी बहन दो-तीन दिन तक ससुराल में रहतीं ताकि सबका भरोसा जीत सकें. इस दौरान वे पतियों से शारीरिक संबंध बनाकर उन्हें अपने प्यार के जाल में फंसा लेती थीं. जैसे ही उन्हें लगता कि परिवार का उन पर पूरा भरोसा हो गया है, वे घर में रखे सारे कीमती गहने, नकदी और कपड़े समेटकर पूरे परिवार के साथ फरार हो जाती थीं.
Meet Kajal
> Belongs to Mathura, UP
> She used to target unmarried men
> Marry them
> Later, she ran away with their money and jewellery
> She evaded capture for one year
> Her sister Muskan was also arrested
> They had sex with the husbands to better gain their trust
> Her… pic.twitter.com/Z7cChtlfY8
— ︎ ︎venom (@venom1s) October 16, 2025
एक साल से चल रही थी फरार
राजस्थान पुलिस को इस गैंग की तलाश एक साल से थी. काजल के पिता भगत सिंह, मां सरोज देवी, बहन तमन्ना और भाई सूरज को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी. लेकिन काजल लगातार अपने ठिकाने बदलकर पुलिस को चकमा दे रही थी. वह यूपी, हरियाणा और राजस्थान में छिपती फिर रही थी. आखिरकार, पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर उसे गुरुग्राम के सेक्टर-37 में एक किराए के मकान से धर दबोचा. हैरानी की बात यह है कि जब उसे गिरफ्तार किया गया, तब भी उसके हाथों में मेहंदी लगी हुई थी, जिससे शक है कि वह किसी नए शिकार की तलाश में थी.
राजस्थान के परिवार ने दर्ज कराई थी FIR
इस गैंग का पर्दाफाश तब हुआ जब राजस्थान के सीकर जिले के एक परिवार ने इनके खिलाफ FIR दर्ज कराई. पीड़ित ताराचंद जाट ने पुलिस को बताया कि भगत सिंह ने अपनी दो बेटियों की शादी उनके दो बेटों से कराने का वादा किया. इसके लिए उसने तैयारियों के नाम पर 11 लाख रुपये भी ले लिए. 21 मई 2024 को शादी हुई, लेकिन तीसरे ही दिन दोनों दुल्हनें अपने परिवार के साथ घर का सारा कीमती सामान लेकर चंपत हो गईं.
जांच में यह भी पता चला कि ये लोग शादी के बाद कुछ ऐसी रस्में और पूजा-पाठ का बहाना बनाते थे, जिससे दूल्हा-दुल्हन के बीच शारीरिक संबंध न बन पाएं और फरार होने में आसानी हो.
यह मामला समाज के लिए एक बड़ी चेतावनी है. आजकल शादी के नाम पर ठगी करने वाले ऐसे कई गैंग सक्रिय हैं. किसी भी अनजान व्यक्ति पर आंख मूंदकर भरोसा करना आपके लिए आर्थिक और सामाजिक रूप से बहुत भारी पड़ सकता है.













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