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Lung Airlifted from Raipur to Pune: रायपुर से पुणे तक 3 घंटे में एयरलिफ्ट किया गया फेफड़ा, 45 वर्षीय महिला को मिली नई जिंदगी

पुणे के डीपीयू सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में एक 45 वर्षीय महिला की जान बचाने के लिए एक फेफड़ा रायपुर से पुणे एयरलिफ्ट कर रिकॉर्ड 3 घंटे में पहुंचाया गया.

Lung Airlifted from Raipur to Pune: रायपुर से पुणे तक 3 घंटे में एयरलिफ्ट किया गया फेफड़ा, 45 वर्षीय महिला को मिली नई जिंदगी
Representational Image | Pixabay

नई दिल्ली: पुणे के डीपीयू सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में एक 45 वर्षीय महिला की जान बचाने के लिए एक फेफड़ा रायपुर से पुणे एयरलिफ्ट कर रिकॉर्ड 3 घंटे में पहुंचाया गया. महिला को H1N1 और गंभीर श्वसन तंत्र संकट सिंड्रोम (ARDS) की समस्या थी, जिसके कारण उसे फेफड़ा प्रत्यारोपण की जरूरत थी. रायपुर में एक ब्रेन-डेड घोषित डोनर से यह फेफड़ा लिया गया था. 11 अगस्त को मेडिकल विशेषज्ञों के एक बोर्ड ने डोनर को ब्रेन-डेड घोषित किया. इसके बाद डीपीयू सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, पिंपरी, पुणे की एक विशेष टीम रायपुर जाकर इस अंग को प्राप्त करने के लिए रवाना हुई.

मरीज को पहले से ही डीपीयू अस्पताल में भर्ती किया गया था, जहां उसे एक्स्ट्राकोर्पोरियल मेम्ब्रेन ऑक्सीजनेशन (ECMO) पर रखा गया था और ज़ोनल ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेशन कमेटी में अत्यधिक जरूरी फेफड़ा प्रत्यारोपण के लिए सूचीबद्ध किया गया था.

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रायपुर से पुणे तक एयरलिफ्ट किया फेफड़ा

फेफड़ा प्राप्त होते ही अस्पताल में प्रत्यारोपण प्रक्रिया शुरू कर दी गई. अंग को रायपुर से पुणे तक एयरलिफ्ट किया गया, जिसमें रायपुर स्थित अस्पताल से रायपुर एयरपोर्ट और फिर पुणे एयरपोर्ट से डीपीयू सुपर स्पेशलिटी अस्पताल तक ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया गया. रायपुर और पुणे के पुलिस विभागों और एयरपोर्ट अधिकारियों ने मिलकर यह ग्रीन कॉरिडोर बनाया, जिससे यह अंग सिर्फ 3 घंटे में रायपुर से पिंपरी, पुणे तक पहुंच सका. यह अस्पताल में पिछले 2 हफ्तों में किया गया दूसरा फेफड़ा प्रत्यारोपण है.

डी वाई पाटिल विद्यापीठ पिंपरी, पुणे के कुलाधिपति डॉ. पी डी पाटिल ने कहा, "हम पुणे के लोगों को एक समग्र चिकित्सा और स्वास्थ्य देखभाल वातावरण प्रदान करने का लक्ष्य रखते हैं, जो जटिल स्वास्थ्य स्थितियों का प्रभावी ढंग से प्रबंधन कर सके और जीवन बचाने वाले हस्तक्षेपों को सफलतापूर्वक लागू कर सके."

डीपीयू सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, पिंपरी, पुणे के हृदय और फेफड़ा प्रत्यारोपण निदेशक डॉ. संदीप अट्टावर ने कहा, "अंगदान एक महान सेवा है. इस दान के माध्यम से, हम एक अनमोल जीवन को बचा सके. हमने तेजी से काम किया और समय रहते अंग को प्राप्त कर प्रत्यारोपण किया. यह पहली बार है जब रायपुर से पुणे तक कोई अंग ट्रांसपोर्ट किया गया."

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 13, 2024 11:24 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).