कोरोना संकट के मद्देनजर लखनऊ पुलिस का बड़ा फैसला, धार्मिक समारोहों पर लगाई रोक
लखनऊ पुलिस ने राज्य की राजधानी में आगामी त्यौहारों के लिए धार्मिक और सामाजिक समारोहों पर प्रतिबंध लगा दिया है. संयुक्त पुलिस आयुक्त नवीन अरोड़ा ने सीआरपीसी की धारा 144 के तहत पशुओं के वध और बिक्री और मांस के परिवहन पर भी प्रतिबंध लगा दिया है.
लखनऊ: लखनऊ पुलिस ने राज्य की राजधानी में आगामी त्यौहारों के लिए धार्मिक और सामाजिक समारोहों पर प्रतिबंध लगा दिया है. संयुक्त पुलिस आयुक्त नवीन अरोड़ा ने सीआरपीसी की धारा 144 के तहत पशुओं के वध और बिक्री और मांस के परिवहन पर भी प्रतिबंध लगा दिया है. अरोड़ा द्वारा जारी की गई 21-सूत्रीय सलाह में कहा गया है कि पांच या अधिक व्यक्ति बिना अनुमति के एक समूह में एकत्रित नहीं होंगे. इसमें कहा गया है कि जो लोग इन दिशानिदेशरें का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, चीनी पतंग के मांझा की बिक्री पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है. तीन पुलिस कर्मियों के मांझा से गंभीर रूप से घायल होने के बाद यह प्रतिबंध लगाया गया है. एडवाइजरी में आगे कहा गया है, "सोशल मीडिया समूह के ग्रुप एडमिन यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी सदस्य समूह में फर्जी समाचार / भड़काऊ संदेश पोस्ट नहीं करे. यदि कोई भी सदस्य इस तरह के संदेश को पोस्ट करता है, तो एडमिन उस संदेश को हटाने से पहले उस व्यक्ति को समूह से हटा देगा. साथ ही पुलिस को इस बारे में सूचित किया जाएगा." यह भी पढ़ें: उत्तर प्रदेश: नाली से पत्थर हटाने के विवाद में अधेड़ की रिश्तेदारों ने लाठियों से पीट पीटकर की हत्या
एडवाइजरी में यह गया है कि यह आदेश 30 मई तक या अगले आदेशों तक लागू रहेगा. रमजान (Ramadan) के अलावा, मई में बुद्ध पूर्णिमा, ईद उल-फितर और बड़ा मंगल सहित कई त्योहार हैं. समारोहों पर प्रतिबंध लगाकर, लखनऊ पुलिस ने यह सुनिश्चित किया है कि समारोहों के दौरान कोई भी सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं होगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 27, 2020 12:29 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

