Dry Day In Pune: गणेशोत्सव पर पुणे जिले में शराब की दुकानें रहेगी बंद, DM ने दिया आदेश, जाने क्या है नियम
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Dry Day In Pune: गणेशोत्सव (Ganeshotsav) के दौरान पुणे (Pune) के जिलाधिकारी (District Magistrate) ने शराब की बिक्री पर कड़े प्रतिबंध (Ban) लगाने का एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. शहर के कुछ पुलिस स्टेशन के अंतर्गत में 27 अगस्त से 6 सितंबर तक शराब (Liquor) की बिक्री पूरी तरह से बंद रहेगी. तो वही गणपति के आगमन और विसर्जन के दिन जिले (Pune District) में पूरे तरीके से शराब की दुकानें बंद रहेगी.यह फैसला सार्वजनिक व्यवस्था, जुलूस और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के हित में लिया गया है और प्रशासन ने व्यापारियों, नागरिकों और श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील की है.इन आदेशों के अनुसार, खड़क, विश्रामबाग और फारसखाना पुलिस स्टेशन (Police Stations) की सीमा के भीतर सभी प्रकार की शराब की दुकानों पर अस्थायी रूप से प्रतिबंध रहेगा.साथ ही, गणपति बप्पा के आगमन और मुख्य विसर्जन के दिन पूरे पुणे जिले में शराबबंदी लागू रहेगी.

इसके चलते ग्रामीण इलाकों समेत जिले के सभी तहसीलों में दुकानें बंद रहेंगी.ये भी पढ़े:Pune Metro: गणेशोत्सव में पुणेकरों को मिलेगा खास तोहफा, मेट्रो से बप्पा के दर्शन होंगे आसान

जुलुस के मार्गों पर भी रहेगी शराब की दुकानें बंद

जिलाधिकारी (District Magistrate) के आदेश से गणेशोत्सव के दो महत्वपूर्ण विसर्जन दिवसों पर विशेष नियम लागू किए गए हैं.5वें और 7वें दिन होने वाले विसर्जन जुलूस के निर्धारित मार्गों पर स्थित सभी शराब की दुकानें बंद रहेगी.प्रशासन का उद्देश्य जुलूस मार्ग की भीड़ और संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए अनुशासन बनाए रखना है. इस दौरान देसी विदेशी शराब (Liquor) की दुकानों, वाइनशॉप्स और लाइसेंस धारक शराब की दुकानों पर होगा. इस दौरान आदेश की अवधि के दौरान कोई परिवहन, बिलिंग या बिक्री नहीं की जाएगी. ऐसा करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है.

नागरिकों और व्यापरियों से अपील

पुलिस, इमरजेंसी सेवाओं और प्रशासन की एक संयुक्त टीम गणेशोत्सव (Ganeshotsav) के दौरान कानून और व्यवस्था की निगरानी करेगी.नागरिकों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक भीड़ से बचें, नियमों का पालन करें तथा किसी भी समस्या की स्थिति में नियंत्रण कक्ष (Control Room) से संपर्क करें. इसके साथ ही दुकानदारों को ऑर्डर की तारीख और क्षेत्र स्पष्ट रूप से दर्ज करना चाहिए और संबंधित कर्मचारियों को सूचित करना चाहिए, तथा आपूर्ति श्रृंखला में तुरंत आवश्यक परिवर्तन करना चाहिए. ऐसा आदेश भी दिया गया है.गणेश मंडलों से एक नियोजित जुलूस की योजना बनाने, अपने मंडल के कार्यकर्ताओं को तैनात करने और पुलिस और प्रशासन के साथ समन्वय करने का आग्रह किया गया है.