Ladki Bahin Yojana: महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री ‘माझी लाडकी बहिन’ योजना ने महिलाओं के जीवन में कुछ हद तक बदलाव लाया है. इस योजना की मदद से मुंबई के कुर्ला इलाके की चॉल में रहने वाली महिलाएं अब पहले से कहीं ज्यादा आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी नज़र आ रही हैं, क्योंकि वे इस योजना से मिले पैसों की मदद से अपना खुद का रोजगार शुरू किया है.
महिलाओं ने शुरू किया अपना खुद का स्वरोजगार
वीडियो में देखा जा सकता है कि योजना की मदद से कई महिलाओं ने छोटे स्तर पर अपने-अपने स्वरोजगार की शुरुआत कर ली है, जैसे सिलाई, होम-बिज़नेस, और अन्य घरेलू कार्यों के जरिए अतिरिक्त आय कमाना. इस योजना से आने वाले पैसों से सरकारी आर्थिक सहायता ने इन महिलाओं को घर बैठे नई शुरुआत करने का आत्मविश्वास दिया है.
महिलाओं ने शुरू किया खुद का स्वरोजगार
मुंबई, महाराष्ट्र: मुख्यमंत्री माझी लाड़की बहिन योजना ने महाराष्ट्र की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है। मुंबई के कुर्ला इलाके की चॉल में रहने वाली महिलाएं आत्मविश्वास से भरी हैं। कई महिलाओं ने इसी मदद से छोटे स्तर पर स्वरोजगार भी शुरू किया है। यह योजना महिलाओं को सम्मान और नई दिशा… pic.twitter.com/ElB2GgG4i3
— IANS Hindi (@IANSKhabar) December 22, 2025
योजना का मकसद
राज्य सरकार का उद्देश्य भी यही है कि महिलाएं अपना व्यवसाय शुरू करें, आर्थिक रूप से सक्षम बनें, और समाज में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें. सरकार का मानना है कि आर्थिक मजबूती ही असली महिला सशक्तिकरण का आधार है.
महिलाओं को हर महीने मिलते हैं 1500 रुपये
‘माझी लाडकी बहिन’ योजना के तहत महाराष्ट्र की करीब 2 करोड़ से अधिक पात्र महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये दिए जाते हैं. अब तक सरकार 16 किस्तों के रूप में कुल 24,000 रुपये प्रति पात्र महिला वितरित कर चुकी है.
चुनाव के कारण रुकी 17वीं और 18वीं किस्त
फिलहाल 17वीं और 18वीं किस्त का भुगतान रोक दिया गया है. चूंकि राज्य में महानगरपालिका चुनाव होने वाले हैं, इसी वजह से किस्तें चुनाव आचार संहिता के तहत रोकी गई हैं. सूत्रों के अनुसार, 15 जनवरी को होने वाले महानगरपालिका चुनाव के बाद दोनों किस्तें जारी कर दी जाएंगी.













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