Ladki Bahin Yojana: महाराष्ट्र की महिलाओं के लिए खुशखबरी; फरवरी की किस्त के लिए 277 करोड़ रुपये मंजूर, जानें कब आएंगे खाते में ₹1500

महाराष्ट्र सरकार ने 'मुख्यमंत्री माझी लाड़की बहिन योजना' की फरवरी महीने की किस्त जारी करने की प्रक्रिया तेज कर दी है. सामाजिक न्याय विभाग ने ₹277 करोड़ के बजट को मंजूरी दे दी है, जिससे पात्र महिलाओं के बैंक खातों में जल्द ही ₹1500 की राशि जमा की जाएगी.

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: Pixabay)

मुंबई: महाराष्ट्र की लाखों महिला लाभार्थियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर है. राज्य सरकार (Maharashtra State Government) ने 'मुख्यमंत्री माझी लाड़की बहिन योजना' (Mukhyamantri Majhi Ladki Bahin Yojana) की फरवरी महीने की किस्त वितरित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. सामाजिक न्याय विभाग (Social Justice Department)  ने महिला एवं बाल विकास विभाग (Women and Child Development Department) के माध्यम से 277 करोड़ रुपये की धनराशि जारी करने को आधिकारिक मंजूरी दे दी है. इस बजट आवंटन के बाद अब अगले कुछ ही दिनों में पात्र महिलाओं के बैंक खातों में ₹1500 की मासिक सहायता राशि सीधे जमा (DBT) कर दी जाएगी. यह भी पढ़ें: Ladki Bahin Yojana E-KYC Deadline: 31 मार्च तक पूरा करें वेरिफिकेशन, नहीं तो रुक सकती है ₹1500 की किस्त

फरवरी की किस्त में देरी और वर्तमान स्थिति

जनवरी की किस्त का वितरण 23 फरवरी को सफलतापूर्वक कर दिया गया था, लेकिन विभागीय मंजूरियों में लगने वाले समय के कारण फरवरी के भुगतान में कुछ देरी हुई. अब बजट मंजूर होने के बाद, सरकार का पूरा ध्यान केवल सत्यापित और पात्र लाभार्थियों तक धन पहुँचाने पर है. अधिकारियों के अनुसार, अनिवार्य e-KYC प्रक्रिया के कारण लाभार्थियों की कुल संख्या में थोड़ी कमी आई है, क्योंकि कई खाते नियमों के अनुरूप नहीं पाए गए या उनमें गलत डेटा दर्ज था.

मार्च के अंत तक पूरा होगा वितरण

277 करोड़ रुपये की मंजूरी योजना की निरंतरता के लिए एक प्रशासनिक मील का पत्थर है. महिला एवं बाल विकास विभाग के नेतृत्व में यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली के माध्यम से प्रोसेस की जाएगी. जिन लाभार्थियों को पिछली किस्तें मिल चुकी हैं और जिनके बैंक खाते आधार से लिंक हैं, उन्हें सबसे पहले भुगतान मिलेगा. सरकारी सूत्रों का संकेत है कि वित्तीय चक्र को पटरी पर रखने के लिए मार्च खत्म होने से पहले ही यह वितरण पूरा कर लिया जाएगा.

e-KYC सुधार की अंतिम तिथि: 31 मार्च

राज्य सरकार ने उन महिलाओं के लिए अंतिम रिमाइंडर जारी किया है जिनके e-KYC सबमिशन में त्रुटियां पाई गई थीं. कई आवेदकों ने मोबाइल आधारित सत्यापन के दौरान गलत विकल्प चुन लिए थे या डेटा मैच नहीं हुआ था.

पात्र महिलाओं को उनके लाभ से वंचित होने से बचाने के लिए सरकार ने 31 मार्च 2026 तक सुधार का मौका दिया है. अब केवल छह दिन शेष हैं, इसलिए लाभार्थियों से आग्रह किया गया है कि वे तुरंत पोर्टल पर लॉग इन करें या स्थानीय सेवा केंद्र (CSC) जाकर अपनी प्रोफाइल दुरुस्त करें. समयसीमा खत्म होने के बाद e-KYC न होने पर ₹1500 का लाभ स्थायी रूप से बंद किया जा सकता है.

पारदर्शिता और सत्यापन का प्रभाव

e-KYC अधिदेश ने योजना के लिए एक 'फिल्टर' के रूप में काम किया है। यह योजना उन परिवारों के लिए है जिनकी वार्षिक आय ₹2.5 लाख से कम है. डेटा के गहन मिलान के कारण सक्रिय लाभार्थियों की संख्या में कमी आई है. विभाग के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया, 'हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि ₹1500 की राशि राज्य की केवल सही और पात्र बहनों तक पहुँचे. e-KYC पारदर्शिता का एक साधन है, बाधा नहीं.' यह भी पढ़ें: Ladki Bahin Yojana: महाराष्ट्र लाड़की बहिन योजना की महिला लाभार्थियों के लिए खुशखबरी, एक साथ मिल सकती है फरवरी और मार्च की किस्त

क्या है माझी लाड़की बहिन योजना?

महाराष्ट्र सरकार की यह प्रमुख सामाजिक सुरक्षा पहल महिलाओं को वित्तीय स्वतंत्रता प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी. हर महीने ₹1500 की निश्चित राशि प्रदान करके, सरकार महिलाओं की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग कर रही है.

लाभार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने संबंधित बैंकों में जाकर अपना Aadhaar-seeding स्टेटस एक बार जरूर चेक कर लें, ताकि प्रशासनिक त्रुटियों के कारण आगामी ट्रांसफर फेल न हो.

 

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