Relief For Priya Varghese: केरल हाई कोर्ट ने सीएम सचिव की पत्नी की नियुक्ति को रखा बरकरार

केरल हाई कोर्ट ने गुरुवार को फैसला सुनाया कि मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के निजी सचिव के.के. रागेश की पत्नी प्रिया वर्गीस की योग्यता कन्नूर विश्वविद्यालय के मलयालम विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर के पद के लिए उपयुक्त है

Kerala High Court (Photo Credit : Twitter)

कोच्चि, 22 जून: केरल हाई कोर्ट ने गुरुवार को फैसला सुनाया कि मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के निजी सचिव के.के. रागेश की पत्नी प्रिया वर्गीस की योग्यता कन्नूर विश्वविद्यालय के मलयालम विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर के पद के लिए उपयुक्त है बता दें कि पिछले नवंबर को न्यायमूर्ति देवन रामचंद्रन ने दूसरे स्थान के उम्मीदवार जैकब स्कारिया की याचिका पर गौर करते हुए फैसला सुनाया था कि वर्गीस के पास यूजीसी द्वारा निर्धारित योग्यता का अभाव है. यह भी पढ़े: Assembly Session: विधानसभा सत्र शुरू होने के बाद केरल विधानसभा में आ सकता है तूफान

वहीं गुरुवार सुबह, एक खंडपीठ ने एकल पीठ के फैसले को रद्द कर दिया, जो राज्य विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति-केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के लिए एक झटका है, जिन्होंने सबसे पहले उनकी नियुक्ति पर रोक लगाई थीबता दें कि रागेश सी पीआई (एम) के पूर्व राज्यसभा सदस्य हैं, जो कन्नूर से आते हैं और विजयन के करीबी सहयोगी माने जाते हैं दूसरे नंबर के उम्मीदवार जैकब स्केरिया ने कोर्ट के इस फैसले के बाद कहा है कि अब इस बारे में आगे क्या करना है.

इस पर कानूनी सलाहकारों से बात करेंगे स्केरिया ने कहा कि यह फैसला यूजीसी 2018 दिशानिर्देशों का उल्लंघन है, क्योंकि इसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि पीएचडी करने के लिए ली गई तीन साल की अवधि को शिक्षण अनुभव के रूप में नहीं गिना जा सकता, साथ ही छात्र निदेशक के रूप में कार्य करते हुए उनकी सेवा को भी नहीं गिना जा सकता इस बीच, वर्गीस ने इस फैसले पर कहा कि, अब मुझे खुशी है कि मैं सही साबित हुई हूं.

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